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निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए व्यवसाय / पेशे से आय रखने वाले व्यक्ति हेतु लागू आयकर विवरणी

अस्वीकरण:इस पृष्ठ पर दी गई सामग्री केवल अवलोकन और सामान्य मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु है तथा यह संपूर्ण नहीं है। पूर्ण विवरण और दिशानिर्देशों के लिए कृपया आयकर अधिनियम, 1961 के नियमों और अधिसूचनाओं का संदर्भ लें।

 

 

 

1. ITR-3 - व्यक्तिगत और HUF परिवार के लिए लागू
यह विवरणी व्यक्ति एवं हिंदू अविभाजित परिवार (एच.यू.एफ.) हेतु लागू है:
वेतन/पेंशन, गृह संपत्ति, व्यवसाय या पेशे के लाभ अथवा अभिलाभ, पूंजीगत अभिलाभ अथवा अन्य स्रोतों से आय शीर्षों के अंतर्गत आय रखने वाले। जो ITR-1, ITR-2 अथवा ITR-4 दाखिल करने हेतु पात्र नहीं हैं।

 

 

 

ITR-4 (सुगम) – व्यक्ति, HUF एवं फर्म (LLP के अतिरिक्त) हेतु लागू

यह विवरणी ऐसे व्यक्ति अथवा हिंदू अविभाजित परिवार (एच.यू.एफ.) हेतु लागू है, जो निवासी हैं परंतु सामान्यतः निवासी नहीं हैं से भिन्न हों, अथवा निवासी फर्म (एल.एल.पी. के अतिरिक्त) हों, जिनकी कुल आय ₹ 50 लाख तक हो तथा जिनकी व्यवसाय या पेशे से आय अनुमानित आधार पर (44AD / 44ADA / 44AE आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत) संगणित की जाती हो और निम्नलिखित में से किसी स्रोत से आय हो:

वेतन / पेंशन दो गृह संपत्ति अन्य स्रोत (ब्याज, पारिवारिक पेंशन, लाभांश आदि) ₹ 5,000 तक की कृषि आय आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 112A के तहत ₹ 1,25,000 तक की पूंजीगत लाभ आय।

 

नोट:1

आई.टी.आर.-4 का उपयोग ऐसे व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता जो:

  1. किसी कंपनी में निदेशक है, अथवा
  2. अल्पकालिक पूंजीगत अभिलाभ रखता है।
  3. 112A (आयकर अधिनियम, 1961) के अंतर्गत ₹ 1.25 लाख से अधिक का दीर्घकालिक पूंजीगत अभिलाभ रखता है।
  4. पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय किसी गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर को धारण किया है।
  5. भारत के बाहर स्थित कोई परिसंपत्ति (किसी इकाई में वित्तीय हित सहित) रखता है, अथवा
  6. भारत के बाहर स्थित किसी खाते में हस्ताक्षर करने का प्राधिकार रखता है, अथवा
  7. भारत के बाहर स्थित किसी स्रोत से आय रखता है,
  8. ऐसा व्यक्ति है जिसके मामले में ई.एस.ओ.पी. पर कर के भुगतान अथवा कटौती को स्थगित किया गया है।
  9. जिसने किसी भी आय शीर्ष के अंतर्गत किसी हानि को अग्रेषित किया है अथवा अग्रेषित की जाने वाली हानि रखता है; अथवा
  10. जिसकी कुल आय ₹ 50 लाख से अधिक है।
  11. धारा 89A के अंतर्गत अधिसूचित देश में संधारित सेवानिवृत्ति लाभ खाते से आय रखता है।
  12. धारा 89A के अंतर्गत अधिसूचित देश के अतिरिक्त किसी अन्य देश में संधारित सेवानिवृत्ति लाभ खाते से आय रखता है।
  13. ऐसी कोई आय रखता है जिस पर विशेष दर से कर देय है।

नोट:2

फ़ॉर्म आई.टी.आर.-4 (सुगम) अनिवार्य नहीं है। यह एक सरलीकृत विवरणी प्रपत्र है, जिसका उपयोग निर्धारणी द्वारा उसके विकल्प पर किया जा सकता है, यदि वह आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD, 44ADA अथवा 44AE के अंतर्गत अनुमानित आधार पर व्यवसाय या पेशे के लाभ एवं अभिलाभ घोषित करने हेतु पात्र है।

 

 

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार लागू प्रपत्र

 

 
1. फ़ॉर्म 16A – वेतन के अतिरिक्त आय पर टी.डी.एस. हेतु आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के अंतर्गत प्रमाणपत्र
द्वारा प्रदान किया गया फॉर्म में प्रदान किया गया विवरण
कटौतीकर्ता से कटौती-प्राप्तकर्ता तक फ़ॉर्म 16A एक त्रैमासिक रूप से जारी किया जाने वाला कर स्रोत पर कटौती (टी.डी.एस.) प्रमाणपत्र है, जिसमें जमा की गई राशि, टी.डी.एस. की राशि, भुगतान की प्रकृति तथा आयकर विभाग में जमा किए गए टी.डी.एस. भुगतान का विवरण होता है।

 

 

2. फॉर्म 26AS ए.आई.एस. (वार्षिक सूचना विवरण)

द्वारा प्रदान किया गया:

 

आयकर विभाग (यह ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है:

लॉगिन >ई-फ़ाइल >आयकर विवरणी >फ़ॉर्म 26AS देखें)

द्वारा प्रदान किया गया:

 

आयकर विभाग (इसे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद एक्सेस किया जा सकता है)

ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं > लॉगिन > ए.आई.एस

फ़ॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा:

 

स्रोत पर कर की कटौती / संग्रह

 

 

फ़ॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा:

 

  • स्रोत पर कर की कटौती / संग्रह
  • एस.एफ़.टी. जानकारी
  • करों का भुगतान
  • माँग / प्रतिदाय

अन्य जानकारी (जैसे लंबित/पूर्ण कार्यवाहियाँ, जी.एस.टी. सूचना, विदेशी सरकार से प्राप्त सूचना आदि)

 

 

 

3. फ़ॉर्म 3CB-3CD

द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया विवरण

ऐसा करदाता जिसे धारा 44AB के तहत किसी लेखाकार द्वारा अपने खातों की लेखा-परीक्षा कराना आवश्यक है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत आय की विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तिथि से कम-से-कम एक माह पूर्व प्रस्तुत किया जाना है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AB के तहत प्रस्तुत की जाने हेतु लेखाओं की लेखा-परीक्षा की रिपोर्ट (फ़ॉर्म 3CB) तथा विशिष्टियों का विवरण-पत्र (फ़ॉर्म 3CD

 

 

 

4. फ़ॉर्म 15G - कर कटौती के बिना कुछ प्राप्तियों का दावा करते हुए, निवासी करदाता द्वारा घोषणा (कंपनी या फ़र्म नहीं होने के नाते)

द्वारा प्रस्तुत

फ़ॉर्म में उपबंध की गई जानकारी

60 वर्ष से कम आयु का एक निवासी व्यक्तिगत या HUF या कोई अन्य व्यक्ति (कम्पनी/फर्म से भिन्न) द्वारा बैंक को, यदि आय मूल छूट सीमा से कम है, तो ब्याज आय पर TDS की कटौती न करने हेतु।

वित्तीय वर्ष हेतु अनुमानित आय

 

 

5. फ़ॉर्म 15H - कर की कटौती के बिना कतिपय प्राप्तियों का दावा करने वाले निवासी व्यक्ति (जिसकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो) द्वारा किया जाने वाला घोषणा-पत्र

द्वारा प्रस्तुत

फ़ॉर्म में उपबंध की गई जानकारी

ब्याज आय पर टी.डी.एस. की कटौती न किए जाने हेतु 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का निवासी व्यक्ति बैंक को

वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय

 

 

6. फ़ॉर्म 3CEB

द्वारा प्रस्तुत

फ़ॉर्म में उपबंध की गई जानकारी

ऐसा करदाता जो अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार अथवा निर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार में प्रवेश करता है, उसे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 92E के तहत किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट से रिपोर्ट प्राप्त करना आवश्यक है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत आय की विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तिथि से कम-से-कम एक माह पूर्व प्रस्तुत किया जाना है।

सभी अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहारों तथा निर्दिष्ट घरेलू संव्यवहारों के ब्यौरों सहित चार्टर्ड अकाउंटेंट की रिपोर्ट

 

निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए कर स्लैब***

नई कर व्यवस्था बनाम पुरानी कर व्यवस्था

  • वित्त अधिनियम, 2023 ने निर्धारण वर्ष 2024-25 से प्रभावी धारा 115BAC के प्रावधानों में संशोधन किया है, जिससे व्यक्तिगत, एच.यू.एफ., ए.ओ.पी. (सहकारी समितियों को छोड़कर), बी.ओ.आई. अथवा कृत्रिम विधिक व्यक्ति होने वाले निर्धारिती के लिए नई कर व्यवस्था को डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बना दिया गया है। तथापि, पात्र करदाताओं के पास डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था से बाहर निकलने तथा पुरानी कर व्यवस्था के तहत कराधान का विकल्प चुनने का विकल्प उपलब्ध है। पुरानी कर व्यवस्था से अभिप्राय आयकर गणना और स्लैब की उस पद्धति से है, जो नई कर व्यवस्था के परिचय से पूर्व विद्यमान थी। पुरानी कर व्यवस्था में करदाताओं के पास विभिन्न कर कटौतियों तथा छूटों का दावा करने का विकल्प उपलब्ध है।

गैर-कारोबारी मामले:

  • “गैर-कारोबारी मामलों” में डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था को बदलने का विकल्प प्रत्येक वर्ष सीधे आई.टी.आर. में प्रयोग किया जा सकता है और ऐसी आई.टी.आर. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तिथि को या उससे पूर्व दाखिल किया जाना आवश्यक है।

कारोबारी मामले

  • कारोबार अथवा पेशे से आय रखने वाले पात्र करदाताओं के मामले में, यदि करदाता व्यतिक्रम कर व्यवस्था से बाहर निकलना चाहता है, तो वह आय की विवरणी प्रस्तुत करने हेतु आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तिथि को या उससे पूर्व फ़ॉर्म-10-IEA प्रस्तुत कर सकता है। साथ ही, ऐसे विकल्प की वापसी अर्थात नई कर व्यवस्था में पुनः प्रवेश करने के उद्देश्य से भी आय की विवरणी प्रस्तुत करने हेतु धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तिथि को या उससे पूर्व फ़ॉर्म सं. 10-IEA प्रस्तुत किया जाएगा। तथापि, पुरानी कर व्यवस्था से बाहर निकलने तथा पुनः व्यतिक्रम कर व्यवस्था में प्रवेश करने का विकल्प कारोबार अथवा पेशे से आय रखने वाले पात्र करदाताओं के लिए केवल आगामी निर्धारण वर्ष में तथा जीवनकाल में केवल एक बार उपलब्ध है।

कर स्लैब:

पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति (निवासी अथवा अनिवासी) के लिए कर की दरें निम्नानुसार हैं:

 

पुरानी कर व्यवस्था

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के तहत डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

आयकर स्लैब

आयकर दर

₹ 2,50,000 तक

शून्य

₹ 4,00,000 तक

शून्य

₹ 2,50,001 - ₹ 5,00,000**

₹ 2,50,000 से अधिक 5%

 

₹ 4,00,001 - ₹ 8,00,000

₹ 4,00,000 से अधिक 5%

 

₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000

₹12,500 + ₹5,00,000 से अधिक 20%

₹ 8,00,001 - ₹ 12,00,000

₹ 20,000 + ₹ 8,00,000 से अधिक 10%

₹10,00,000 से अधिक

₹ 1,12,500 + ₹ 10,00,000 से अधिक 3०%

₹ 10,00,000

₹ 12,00,001 - ₹ 16,00,000

₹ 60,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 15%

 

 

 

₹ 16,00,001 - ₹ 20,00,000

₹ 1,20,000 + ₹ 16,00,000 से अधिक 20%

 

 

 

₹ 20,00,001 - ₹ 24,00,000

₹ 2,00,000

+ ₹ 20,00,000 से अधिक 25%

 

 

 

₹ 24,00,000 से अधिक

₹ 3,00,000 +₹ 24,00,000 से अधिक 30%

 

पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक किंतु 80 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्ति (निवासी अथवा अनिवासी) के लिए कर की दरें निम्नानुसार हैं:

 

पुरानी कर व्यवस्था

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

आयकर स्लैब

आयकर दर

₹ 3,00,000 तक

शून्य

₹ 4,00,000 तक

शून्य

₹ 3,00,001 - ₹ 5,00,000**

₹ 3,00,000 से अधिक 5%

₹ 4,00,001 - ₹ 8,00,000

₹ 4,00,000 से अधिक 5%

₹ 5,00,001 –

₹ 10,00,000

₹ 10,000 + ₹ 5,00,000 से अधिक 20%

₹ 8,00,001 - ₹ 12,00,000

₹ 20,000 + ₹ 8,00,000 से अधिक 10%

₹10,00,000 से अधिक

₹ 1,10,000 + ₹ 10,00,000 से अधिक 30%

₹ 12,00,001 - ₹ 16,00,000

₹ 60,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 15%

 

 

₹ 16,00,001 - ₹ 20,00,000

₹ 1,20,000 + ₹ 16,00,000 से अधिक 20%

 

 

₹ 20,00,001 –₹ 24,00,000

₹ 2,00,000 + ₹ 20,00,000 से अधिक 25%

 

 

24,00,000 से अधिक

₹ 3,00,000 + ₹ 24,00,000 से अधिक 30%

 

 

पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले व्यक्ति (निवासी अथवा अनिवासी) के लिए कर की दरें निम्नानुसार हैं:

 

पुरानी कर व्यवस्था

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

आयकर स्लैब

आयकर दर

₹ 5,00,000 तक

शून्य

₹ 4,00,000 तक

शून्य

₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000

₹ 5,00,000 से अधिक 20%

₹ 4,00,001 - ₹ 8,00,000**

₹ 4,00,000 से अधिक 5%

 

₹10,00,000 से अधिक

₹ 1,00,000 + ₹ 10,00,000 से अधिक 30%

 

₹ 8,00,001 - ₹ 12,00,000

₹ 20,000 + ₹ 8,00,000 से अधिक 10%

 

 

₹ 12,00,001 - ₹ 16,00,000

₹ 60,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 15%

 

 

 

₹ 16,00,001 - ₹ 20,00,000

₹ 1,20,000 + ₹ 16,00,000 से अधिक 20%

 

 

 

₹ 20,00,001 - ₹ 24,00,000

₹ 2,00,000 + ₹ 20,00,000 से अधिक 25%

    ₹ 24,00,000 से अधिक ₹ 3,00,000 + ₹ 24,00,000 से अधिक 30%

 

लागू अधिभार दरें:

      

 

आय सीमा

आयकर की राशि पर अधिभार की दर

 

(नई कर व्यवस्था)

आयकर की राशि पर अधिभार की दर

 

(पुरानी कर व्यवस्था)

 

₹ 50 लाख तक

शून्य

शून्य

₹ 50 लाख से ₹ 1 करोड़ तक

10%

10%

₹ 1 करोड़ से ₹ 2 करोड़

15%

15%

₹ 2 करोड़ से ₹ 5 करोड़ तक

25%

25%

₹ 5 करोड़ से अधिक

25%

37%

नोट: 25% और 37% की बढ़ी हुई उपकर (सरचार्ज) दर, जैसा भी मामला हो, धारा 111A, 112, 112A और लाभांश आय के अंतर्गत कर योग्य आय पर नहीं लगाई जाती है। इसलिए, ऐसी आयों पर देय कर पर उपकर की अधिकतम दर 15% होगी, सिवाय जब आय धारा 115A, 115AB, 115AC, 115ACA और 115E के अंतर्गत कर योग्य हो।

 

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 87A के तहत लागू छूट: निवासी व्यक्ति कर व्यवस्थाओं के अनुसार निम्नानुसार अधिकतम सीमा के अधीन आयकर पर 100% तक की छूट के लिए भी पात्र हैं:

कर व्यवस्था

छूट सीमा

छूट की शर्त

नई कर व्यवस्था

₹ 60,000

कर योग्य आय ₹ 12,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पुरानी कर व्यवस्था

₹ 12,500

कर योग्य आय ₹ 5,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

 

नोट: दोनों व्यवस्थाओं में आयकर की राशि तथा अधिभार (यदि कोई हो) पर 4% की दर से स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर देय होगा।

पुरानी कर व्यवस्था के तहत क्रमशः ₹ 50 लाख, ₹ 1 करोड़, ₹ 2 करोड़ अथवा ₹ 5 करोड़ से अधिक तथा नई कर व्यवस्था के तहत क्रमशः ₹ 50 लाख, ₹ 1 करोड़ अथवा ₹ 2 करोड़ से अधिक अर्जित आय पर अधिभार से सीमांत राहत का दावा भी निम्नानुसार किया जा सकता है:

 

शुद्ध आय सीमा सीमांत राहत

से अधिक ( ₹ )

से अधिक नहीं ( ₹ )

 

50 लाख

1 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत आयकर तथा अधिभार के रूप में देय राशि, ₹ 50 लाख की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से ₹ 50 लाख से अधिक आय की राशि से अधिक नहीं होगी।

1 करोड़

2 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत आयकर तथा अधिभार के रूप में देय राशि, ₹ 1 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से ₹ 1 करोड़ से अधिक आय की राशि से अधिक नहीं होगी।

2 करोड़

5 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के तहत आयकर तथा अधिभार के रूप में देय राशि, ₹ 2 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से ₹ 2 करोड़ से अधिक आय की राशि से अधिक नहीं होगी।

5 करोड़

पुरानी कर व्यवस्था के तहत आयकर तथा अधिभार के रूप में देय राशि, ₹ 5 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से ₹ 5 करोड़ से अधिक आय की राशि से अधिक नहीं होगी।

 

 

 

 

निवेश/भुगतान/आय जिन पर कर लाभ उपलब्ध है

नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनने वाले करदाता को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के अंतर्गत कटौतियाँ उपलब्ध होंगी।

धारा 24(b) – गृह संपत्ति से आय में से आवास ऋण पर अदा किए गए ब्याज पर कटौती:
संपत्ति की प्रकृति ऋण का प्रयोजन अनुमन्य (अधिकतम सीमा) आई.टी.आर. में भरने हेतु आवश्यक विवरण
किराए पर दी गई गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य (किन्तु “गृह संपत्ति से आय” शीर्ष के अंतर्गत होने वाली हानि को अनुसूची CYLA में किसी अन्य आय शीर्ष के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जा सकता तथा उसे आगामी वर्षों में आगे नहीं ले जाया जा सकता।)
  • बैंक / बैंक के अतिरिक्त अन्य से लिया गया ऋण
  • जिस बैंक / संस्था / व्यक्ति से ऋण लिया गया है उसका नाम
  • बैंक / संस्था का ऋण खाता संख्या
  • ऋण स्वीकृति की तिथि
  • ऋणों की कुल राशि
  • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  • धारा 24(b) के तहत उधार ली गई पूंजी पर ब्याज

 

 

 

 

2. आयकर अधिनियम, 1961 के अध्याय VIA के तहत निर्दिष्ट कर कटौतियाँ
धारा 80CCD(2)
केंद्र सरकार की पेंशन योजना में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की कटौती
"केंद्रीय सरकार" या "राज्य सरकार" या "पी.एस.यू." या "अन्य" के लिए वेतन के 14% की कटौती सीमा
धारा 80CCH
अग्निपथ योजना में अंशदान के संबंध में कटौती
"जहाँ अग्निपथ योजना में नामांकित तथा 1 नवंबर, 2022 को या उसके पश्चात अग्निवीर कोष निधि का अभिदान करने वाले किसी व्यक्तिगत निर्धारिती ने पूर्व वर्ष में उक्त निधि में अपने खाते में कोई राशि अदा अथवा जमा की हो। ऐसी अदा अथवा जमा की गई संपूर्ण राशि की कुल आय की संगणना में कटौती अनुमन्य होगी।
जहाँ केंद्रीय सरकार अग्निवीर कोष निधि में किसी निर्धारिती के खाते में कोई अंशदान करती है। ऐसे अंशदत्त संपूर्ण राशि की कुल आय की संगणना में कटौती अनुमन्य होगी।

 

 

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार पुरानी कर व्यवस्था में कटौतियाँ

1.धारा 24(b) – गृह ऋण एवं गृह सुधार ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर गृह संपत्ति से आय से कटौती। स्व-अधिकृत संपत्ति के मामले में, गृह ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज की कटौती की ऊपरी सीमा ₹ 2 लाख है। धारा 24(b) के अंतर्गत स्वीकार्य ऋण पर ब्याज नीचे सारणीबद्ध किया गया है:

संपत्ति की प्रकृति

ऋण कब लिया गया था

ऋण का प्रयोजन

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आवश्यक ब्यौरे

स्व-अधिकृत

1/04/1999 को या उसके पश्चात

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

₹ 2,00,000

  • बैंक से लिया गया ऋण / बैंक के अलावा अन्य स्रोतों से लिया गया ऋण
  • उस बैंक/संस्था/व्यक्ति का नाम जिससे ऋण लिया गया है
  • बैंक/संस्था का ऋण खाता संख्या।
  • ऋण संस्वीकृति की तिथि
  • ऋणों की कुल राशि
  • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  • धारा 24(b) के तहत उधार ली गई पूंजी पर ब्याज

1/04/1999 को या उसके पश्चात

गृह सम्पत्ति की मरम्मत के लिए

₹ 30,000

1/04/1999 से पूर्व

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

₹ 30,000

1/04/1999 से पूर्व

गृह संपत्ति की मरम्मत हेतु

₹ 30,000

किराए पर दी गई

किसी भी समय

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य
निर्धारण वर्ष के दौरान अन्य आय शीर्षों के विरुद्ध समायोजित की जाने वाली अधिकतम हानि ₹ 2,00,000 है तथा शेष को आगामी 8 निर्धारण वर्षों तक आगे ले जाया जा सकता है।

 

2.आयकर अधिनियम, 1961 के अध्याय VIA के तहत विनिर्दिष्ट कटौतियाँ

 

 
धारा 80C, 80CCC, 80CCD(1)
किए गए भुगतानों के संबंध में कटौती
80C
  • जीवन बीमा प्रीमियम
  • भविष्य निधि
  • कुछ इक्विटी शेयरों का अभिदान
  • शिक्षण शुल्क
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र
  • आवास ऋण का मूलधन
  • अन्य विभिन्न मदें
  • सामग्री2
  • सामग्री3

₹ 1,50,000 की संयुक्त कटौती सीमा

प्रत्येक पात्र भुगतान हेतु आई.टी.आर. में भरे जाने वाले विवरण:

  • पॉलिसी संख्या अथवा दस्तावेज़ पहचान संख्या
  • धारा 80C के तहत कटौती हेतु पात्र राशि
80CCC पेंशन योजना हेतु एल.आई.सी. अथवा अन्य बीमाकर्ता की वार्षिकी योजना
80CCD(1) केंद्र सरकार की पेंशन योजना

 

 
धारा 80CCD(1B)

(1) धारा 80CCD(1) के तहत दावा की गई कटौती को छोड़कर, केंद्र सरकार की पेंशन योजना में किए गए भुगतानों के संबंध में कटौती

 

2) इस उप-धारा के तहत कटौती तब भी मिलेगी, जब करदाता (जो नाबालिग के माता-पिता या अभिभावक हैं) उक्त पेंशन योजना के तहत नाबालिग के खाते में कोई पैसा जमा करते हैं या भुगतान करते हैं।

₹ 50,000 की कटौती सीमा

नोट:

(a) धारा 80C के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए अनुसार विवरण प्रदान करने होंगे।

  • कटौती हेतु पात्र राशि
  • पॉलिसी सं. अथवा दस्तावेज़ पहचान सं.

(b) धारा 80CCC, 80CCD(1), 80CCD(1B) के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए अनुसार विवरण प्रदान करने होंगे:

  • पहचानकर्ता का प्रकार
  • पहचानकर्ता का नाम
  • राशि
धारा 80CCD(2)
केंद्र सरकार की पेंशन योजना में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की कटौती
यदि नियोक्ता PSU या अन्य है वेतन का 10% कटौती सीमा
यदि नियोक्ता केंद्रीय या राज्य सरकार है वेतन का 14% कटौती सीमा

 

 

 

धारा 80CCH
अग्निपथ योजना में अंशदान के संबंध में कटौती
जहाँ अग्निपथ योजना में नामांकित तथा 1 नवंबर, 2022 को या उसके पश्चात अग्निवीर कोष निधि का अभिदान करने वाले किसी व्यक्तिगत निर्धारिती ने पूर्व वर्ष में उक्त निधि में अपने खाते में कोई राशि अदा अथवा जमा की हो ऐसी अदा अथवा जमा की गई संपूर्ण राशि की कुल आय की संगणना में कटौती अनुमन्य होगी।
जहाँ केंद्रीय सरकार अग्निवीर कोष निधि में किसी निर्धारिती के खाते में कोई अंशदान करती है। ऐसी अदा अथवा जमा की गई संपूर्ण राशि की कुल आय की संगणना में कटौती अनुमन्य होगी।

 

 

धारा 80D
स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम एवं निवारक स्वास्थ्य जाँच हेतु किए गए भुगतानों के संबंध में कटौती
स्वयं / पति या पत्नी / आश्रित बच्चों के लिए ₹ 25,000 (यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है, तो ₹ 50,000)
₹ 5,000 निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए, उपरोक्त सीमा में शामिल।
माता-पिता के लिए ₹ 25,000 (यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो ₹ 50,000)
₹ 5,000 निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए, उपरोक्त सीमा में शामिल।
यदि स्वास्थ्य बीमा कवरेज पर कोई प्रीमियम अदा नहीं किया गया है, तो वरिष्ठ नागरिक पर किए गए चिकित्सा व्यय के संबंध में कटौती
स्वयं/पति या पत्नी अथवा आश्रित बच्चों हेतु ₹ 50,000 की कटौती सीमा
माता-पिता के लिए ₹ 50,000 की कटौती सीमा

नोट:

धारा 80D के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए अनुसार ब्यौरे प्रदान करने होंगे:

  • बीमाकर्ता (बीमा कंपनी) का नाम
  • पॉलिसी संख्या
  • स्वास्थ्य बीमा राशि

 

 

 

धारा 80DD
दिव्यांग आश्रित के भरण-पोषण अथवा चिकित्सा उपचार हेतु किए गए भुगतानों या संबंधित अनुमोदित योजना के तहत अदा / जमा की गई किसी राशि के संबंध में कटौती विकलांगता वाले व्यक्ति के लिए
₹ 75,000
की स्थिर कटौती उपलब्ध है, उपगत व्यय के अप्रासंगिक।
यदि व्यक्ति को गंभीर विकलांगता (80% या अधिक) है, तो कटौती
₹ 1,25,000
होगी।

नोट:

धारा 80DD के तहत कटौती का दावा करने हेतु आई.टी.आर. में निम्न विवरण प्रदान किए जाने आवश्यक हैं :

  1. विकलांगता की प्रकृति
  2. विकलांगता का प्रकार
  3. कटौती की राशि
  4. आश्रित का प्रकार
  5. आश्रित का PAN
  6. आश्रित का आधार
  7. ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी अथवा बहुविकलांगता के मामले में दाखिल किए गए फ़ॉर्म 10IA की अभिस्वीकृति सं.
  8. यू.डी.आई.डी. संख्या (यदि उपलब्ध हो)

 

 

 

धारा 80DDB
 
निर्दिष्ट रोगों हेतु स्वयं अथवा आश्रित के चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतानों के संबंध में कटौती कटौती सीमा
₹ 40,000 (यदि वरिष्ठ नागरिक है तो ₹ 1,00,000)
 

कृपया ध्यान दें : धारा 80DDB के तहत कटौती का दावा करने हेतु आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान किए जाने आवश्यक हैं:

  1. उपयोक्ता का प्रकार
  2. निर्दिष्ट रोग का नाम
  3. राशि
 

 

धारा 80E
स्वयं अथवा संबंधी की उच्च शिक्षा हेतु लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतानों के संबंध में कटौती लिए गए ऋण पर ब्याज के रूप में अदा की गई कुल राशि

 

 

 

नोट:

धारा 80E के तहत कटौती का दावा करने हेतु आई.टी.आर. में नीचे दिए गए ब्यौरे प्रदान किए जाने आवश्यक हैं :

  1. बैंक / संस्था से लिया गया ऋण
  2. जिस संस्था / बैंक से ऋण लिया गया है उसका नाम
  3. बैंक का ऋण खाता संख्या
  4. ऋण स्वीकृति की तिथि
  5. ऋणों की कुल राशि
  6. वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  7. धारा 80E के तहत ब्याज

 

 

 

 

धारा 80EE

 

 
1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत आवासीय गृह संपत्ति के अधिग्रहण हेतु लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतानों के संबंध में कटौती लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज पर
₹ 50,000
की कटौती सीमा
   

नोट:

धारा 80EE के तहत कटौती का दावा करने हेतु, आई.टी.आर. में नीचे दिए गए ब्यौरे प्रदान किए जाने आवश्यक हैं:

  1. बैंक / संस्था से लिया गया ऋण
  2. जिस बैंक / संस्था से ऋण लिया गया है उसका नाम
  3. बैंक / संस्था का ऋण खाता संख्या।
  4. ऋण स्वीकृति की तिथि
  5. ऋणों की कुल राशि
  6. वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  7. धारा 80EE के तहत ब्याज

 

 

 

 

 

 

 

धारा 80EEA
प्रथम बार आवासीय गृह संपत्ति के अधिग्रहण हेतु लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के संबंध में केवल व्यक्तियों को उपलब्ध कटौती, जहाँ ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत हुआ हो तथा धारा 80EE के तहत कटौती का दावा न किया गया हो। लिए गए ऋण पर चुकाए गए ब्याज पर
₹ 1,50,000
की कटौती सीमा

नोट:

धारा 80EEA के तहत कटौती का दावा करने हेतु आई.टी.आर. में निम्न विवरण प्रदान किए जाने आवश्यक हैं:

  1. बैंक / संस्था से लिया गया ऋण
  2. जिस बैंक / संस्था से ऋण लिया गया है उसका नाम
  3. बैंक / संस्था का ऋण खाता संख्या
  4. ऋण स्वीकृति की तिथि
  5. ऋण की कुल राशि
  6. वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  7. धारा 80EE के तहत ब्याज

ध्यान दें कि धारा 80EEA के तहत कटौती का दावा केवल तभी किया जा सकता है, जब धारा 24(b) की सीमा पूर्णतः उपयोग हो चुकी हो। साथ ही, ऋण स्वीकृति की तिथि तथा अन्य पात्र शर्तों के आधार पर करदाता द्वारा धारा 80EE अथवा 80EEA में से किसी एक के तहत ही दावा किया जा सकता है।

 

 

धारा 80EEB
1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच स्वीकृत विद्युत वाहन के क्रय हेतु लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के संबंध में कटौती। लिए गए ऋण पर अदा किए गए ब्याज पर ₹ 1,50,000 की कटौती सीमा

नोट:

धारा 80EEB के तहत कटौती का दावा करने हेतु, आई.टी.आर. में निम्नलिखित ब्यौरे प्रदान किए जाने आवश्यक हैं।

  1. जिस बैंक / संस्था से ऋण लिया गया है उसका नाम
  2. बैंक / संस्था का ऋण खाता संख्या
  3. ऋण स्वीकृति की तिथि
  4. ऋण की कुल राशि
  5. वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण
  6. वाहन पंजीकरण संख्या
  7. धारा 80EEB के तहत ब्याज

 

धारा 80G

विनिर्दिष्ट निधियों, धर्मार्थ संस्थाओं आदि को किए गए दान के संबंध में कटौती

दान निम्नलिखित श्रेणियों के तहत कटौती हेतु पात्र हैं

बिना किसी सीमा के 100% कटौती
50% कटौती
अर्हता सीमा के अधीन 100% कटौती
50% कटौती
नोट: इस धारा के तहत ₹ 2000 से अधिक नकद में किए गए दान के संबंध में कोई कटौती अनुमन्य नहीं होगी।

 

 

 

धारा 80GG

गृह के लिए अदा किए गए किराए के संबंध में कटौती तथा केवल उन व्यक्तियों पर लागू, जो स्व-नियोजित हैं अथवा जिनके वेतन का भाग एच.आर.ए. नहीं है।

निम्नलिखित में से जो न्यूनतम होगा, वह कटौती के रूप में अनुमन्य होगा:

इस कटौती से पूर्व कुल आय के 10% से घटाया गया अदा किया गया किराया ₹ 5,000 प्रति माह कुल आय का 25% (धारा 111A के तहत अल्पकालिक पूंजी अभिलाभ अथवा धारा 115A या 115D के तहत आय को छोड़कर दीर्घकालिक पूंजी अभिलाभ को अपवर्जित करते हुए)
नोट: धारा 80GG के तहत कटौती का दावा करने हेतु फ़ॉर्म 10BA दाखिल करना तथा आय की विवरणी दाखिल करते समय अनुसूची 80GG में फ़ॉर्म 10BA का पावती संख्या दर्ज करना अनिवार्य है।

 

 

 

 

धारा 80GGA

वैज्ञानिक अनुसंधान अथवा ग्रामीण विकास हेतु किए गए दानों के संबंध में कटौती

निम्नलिखित श्रेणियों के तहत दान कटौती हेतु पात्र हैं:

निम्न हेतु अनुसंधान संघ अथवा विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था

  • वैज्ञानिक अनुसंधान
  • सामाजिक विज्ञान अथवा सांख्यिकीय अनुसंधान

निम्न हेतु संघ अथवा संस्था

  • ग्रामीण विकास
  • प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण अथवा वनीकरण हेतु
किसी पात्र परियोजना के क्रियान्वयन हेतु राष्ट्रीय समिति द्वारा अनुमोदित पी.एस.यू. अथवा स्थानीय प्राधिकारी या कोई संघ अथवा संस्था

निम्न हेतु केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित निधियाँ

  • वनीकरण
  • ग्रामीण विकास
केंद्रीय सरकार द्वारा स्थापित तथा अधिसूचित राष्ट्रीय शहरी गरीबी उन्मूलन निधि
नोट: इस धारा के तहत ₹ 2000/- से अधिक नकद में किए गए दान के संबंध में कोई कटौती अनुमन्य नहीं होगी अथवा यदि सकल कुल आय में कारोबार / पेशे के लाभ / अभिलाभ से आय शामिल हो या साझेदार साझेदारी फर्म से पारिश्रमिक अथवा पूंजी पर ब्याज प्राप्त कर रहा हो।

 

धारा 80GGC

 

राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को किए गए दान के संबंध में कटौती।

राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को किए गए अंशदान के संबंध में कटौती।

 

यदि कोई योगदान नकद में किया जाता है, तो कोई कटौती अनुज्ञात नहीं होगी।

 

 

 

 

 

80IA
धारा 80-IA(4)(iv) में निर्दिष्ट उपक्रम के लाभ के संबंध में कटौती उस निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाली 15 निर्धारण वर्षों की अवधि के भीतर आने वाले लगातार 10 निर्धारण वर्षों के लिए लाभ का 100%, जिसमें निर्धारिती आधारभूत संरचना सुविधा का विकास करता है / उसका प्रचालन एवं अनुरक्षण प्रारंभ करता है।
अप्रैल, 2017 के पहले दिन को या उसके बाद आधारभूत संरचना की सुविधा का विकास या प्रचालन और अनुरक्षण शुरू करने वाले किसी भी उद्यम को किसी भी कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी। (यदि निर्दिष्ट कारोबार के लिए विकास, प्रचालन आदि निर्दिष्ट तिथियों के पश्चात प्रारंभ किए गए हैं, तो कोई कटौती अनुमन्य नहीं होगी।)

 

 

 80IB

आधारभूत संरचना विकास उपक्रमों से भिन्न निर्दिष्ट औद्योगिक उपक्रमों से लाभ एवं अभिलाभ के संबंध में कटौती:

इस धारा के तहत कटौती ऐसे निर्धारिती को उपलब्ध है, जिसकी सकल कुल आय में निम्न के कारोबार से प्राप्त कोई लाभ एवं अभिलाभ शामिल हो:

  • ऐसा उपक्रम जो खनिज तेल का वाणिज्यिक उत्पादन अथवा परिष्करण प्रारंभ करता है [धारा 80-IB(9)]
  • आवासीय परियोजनाओं का विकास एवं निर्माण करने वाला उपक्रम [धारा 80-IB(10)]
  • फल, सब्जियों, मांस, मांस उत्पादों, कुक्कुट पालन, समुद्री अथवा डेयरी उत्पादों के प्रसंस्करण, संरक्षण एवं पैकेजिंग में संलग्न उपक्रम [धारा 80-IB(11A)]
  • खाद्यान्नों के प्रबंधन, भंडारण तथा परिवहन के एकीकृत कारोबार में संलग्न उपक्रम [धारा 80-IB(11A)]
(कुछ शर्तों के अधीन)

 

 
80IE

उत्तर-पूर्वी राज्यों में स्थापित कतिपय उपक्रमों हेतु कटौती

(कुछ शर्तों के अधीन)

  • विनिर्दिष्ट विभिन्न शर्तों के अधीन 10 निर्धारण वर्षों के लिए लाभ का 100%

 

 

80JJA
जैव-अपघटनीय अपशिष्ट के संग्रहण तथा प्रसंस्करण के कारोबार से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती
(कुछ शर्तों के अधीन)
जैव अपघटनीय अपशिष्ट के संग्रहण, प्रसंस्करण और उपचार की गतिविधि से होने वाले लाभ का 100%, लगातार 5 निर्धारण वर्षों के लिए

 

 

 

80JJAA

धारा 44AB लागू होने वाले निर्धारिती हेतु नए कामगारों / कर्मचारियों के नियोजन के संबंध में कटौती

(कुछ शर्तों के अधीन)

अतिरिक्त कर्मचारी लागत का 30%, 3 निर्धारण वर्षों के लिए, कुछ शर्तों के अधीन

 

 

80QQB
पाठ्यपुस्तकों से भिन्न कुछ पुस्तकों के निवासी लेखकों के संबंध में कटौती किसी लेखक / संयुक्त लेखक द्वारा रॉयल्टी के रूप में प्राप्त आय, अन्य शर्तों के अधीन, अधिकतम ₹ 3 लाख तक

नोट: यहाँ दावा की गई कटौती का दावा आयकर अधिनियम में अन्यत्र नहीं किया जा सकता।

 

 

80RRB
पेटेंट पर रॉयल्टी के संबंध में निवासी व्यक्तियों हेतु कटौती पेटेंट अधिनियम, 1970 के तहत प्रथम आविष्कारक / सह-स्वामी, जो रॉयल्टी के रूप में आय अर्जित करता हो, को रॉयल्टी की राशि अथवा ₹ 3 लाख (जो भी कम हो) तक

नोट: यहाँ दावा की गई कटौती का दावा आयकर अधिनियम में अन्यत्र नहीं किया जा सकता।

 

 

धारा 80TTA
गैर-वरिष्ठ नागरिकों द्वारा बचत बैंक खातों पर प्राप्त ब्याज पर कटौती कटौती सीमा
₹ 10,000/-

 

 

 

धारा 80TTB
निवासी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा जमा राशियों पर प्राप्त ब्याज पर कटौती कटौती सीमा
₹ 50,000/-

 

 

 
धारा 80U
दिव्यांगता वाले निवासी व्यक्तिगत करदाता हेतु कटौती

दिव्यांग व्यक्ति के लिए ₹ 75,000 की एकमुश्त कटौती, व्यय की गई राशि की परवाह किए बिना।

गंभीर दिव्यांगता (80% या अधिक) वाले व्यक्ति के लिए ₹ 1,25,000 की एकमुश्त कटौती, व्यय की गई राशि की परवाह किए बिना।

नोट:

धारा 80DD अथवा 80U के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:

  1. दिव्यांगता की प्रकृति
  2. दिव्यांगता का प्रकार
  3. कटौती की राशि
  4. आश्रित का पैन
  5. आश्रित का आधार
  6. दाखिल किए गए फ़ॉर्म 10IA की अभिस्वीकृति सं.

 

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