फाइल आईटीआर-1 (सहज) ऑनलाइन
फ़ाइल आई.टी.आर.-1 (सहज) ऑनलाइन – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. आय के वे कौन से प्रकार हैं जो आई.टी.आर.-1 फ़ॉर्म का भाग नहीं बनते?
निम्नलिखित आय के प्रकार आई.टी.आर.-1 फ़ॉर्म का भाग नहीं बनते:
(a) व्यवसाय और पेशों से होने वाले लाभ और कमाई।
(b) अल्पकालिक पूंजीगत लाभ।
(c) धारा 112A के अंतर्गत ₹1.25 लाख से अधिक दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ
(d) दो से अधिक गृह संपत्तियों से प्राप्त आय।
(e) निम्नलिखित प्रकृति की अन्य स्रोतों के अंतर्गत आने वाली आय:
(i) लॉटरी से प्राप्त आय।
(ii) घुड़दौड़ के घोड़ों का स्वामित्व और उनका रख-रखाव करने की गतिविधि।
(iii) धारा 115BBDA या धारा 115BBE के अंतर्गत विशेष दरों पर कराधेय आय।
(iv) सेवानिवृत्ति लाभ खाते से आय/राहत।
(f) धारा 5A के प्रावधानों के अनुसार बाँटी जाने वाली आय
(g) ₹5,000 से अधिक कृषि आय
इसके अतिरिक्त, आई.टी.आर.-1 उस व्यक्ति द्वारा उपयोग नहीं किया जा सकता जो:
(h) किसी कंपनी में निदेशक है
(i) पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयरों का स्वामित्व रखा हो
(j) भारत के बाहर स्थित किसी भी संपत्ति (किसी संस्था में वित्तीय हित सहित) का स्वामित्व रखता है
(k) भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार रखता है
(l) भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय प्राप्त करता है
(m) वह व्यक्ति जिसके मामले में धारा 194N (आयकर अधिनियम, 1961) के अंतर्गत कर काटा गया है
(n) वह व्यक्ति जिसके मामले में ई.एस.ओ.पी पर कर का भुगतान या कटौती स्थगित की गई है
(o) किसी भी आय शीर्ष के अंतर्गत अग्रानीत हानि अथवा अग्रेषित की जाने वाली हानि रखता है
(p) कुल आय ₹50 लाख से अधिक है।
2. निर्धारण वर्ष 2026‑27 के लिए आई.टी.आर.‑1 फ़ॉर्म में प्रमुख बदलाव क्या हैं?
. दो गृह संपत्तियाँ:करदाता अब आई.टी.आर.-1 में एक के बजाय दो गृह संपत्तियों से प्राप्त आय की रिपोर्ट कर सकते हैं।
. अवास्तविक किराया फ़ील्ड:"किराया जो प्राप्त नहीं किया जा सकता" के लिए एक नया, विशिष्ट फ़ील्ड जोड़ा गया है, जिससे किराए पर संपत्ति रखने वाले करदाताओं को सुविधा मिलेगी।
. विदेशी परिसंपत्ति की रिपोर्टिंग:विदेशी सेवानिवृत्ति लाभों की रिपोर्टिंग की आवश्यकताओं को हटा दिया गया है।
3. क्या आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय रोजगार की प्रकृति बताना अनिवार्य है?
हाँ, आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय रोजगार की प्रकृति का चयन करना अनिवार्य है, निम्नलिखित विकल्पों में से:
(a) केंद्रीय सरकारी कर्मचारी
(b) राज्य सरकारी कर्मचारी
(c) सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम का कर्मचारी (चाहे केंद्रीय या राज्य सरकार का)
(d) पेंशनभोगी (सी.जी./एस.जी./पी.एस.यू./अन्य)
(e) निजी क्षेत्र के उपक्रम का कर्मचारी
(f) लागू नहीं (परिवार पेंशन आय के मामले में)

4. क्या आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय द्वितीयक पता भरना अनिवार्य है?
हाँ, आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय द्वितीयक पते का विवरण देना अनिवार्य है। प्राथमिक पता भरने के बाद, एक संकेत दिखाई देता है जो पूछता है, "क्या द्वितीयक पता प्राथमिक पते के समान है?"। यदि हाँ चयन किया जाता है, तो विवरण प्राथमिक पते से स्वतः भर जाएगा; यदि नहीं चयन किया जाता है, तो द्वितीयक पते का विवरण अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा।

5. दि मैं आई.टी.आर.-1 या आई.टी.आर.-2 में नई कर व्यवस्था को अपनाना या उससे बाहर निकलना चाहता हूँ, तो क्या मुझे कोई फ़ॉर्म फ़ाइल करना होगा?
नहीं, आई.टी.आर.-1 या आई.टी.आर.-2 में नई कर व्यवस्था को अपनाने या उससे बाहर निकलने के लिए आपको कोई अलग फॉर्म फ़ाइल करने की आवश्यकता नहीं है। आप केवल आई.टी.आर. फॉर्म में "नई व्यवस्था का त्याग करना" पर टिक कर सकते हैं, इसके लिए कोई अतिरिक्त फॉर्म फ़ाइल करने की ज़रूरत नहीं है। केवल वे करदाता जो आई.टी.आर.-3, आई.टी.आर.-4 या आई.टी.आर.-5 फ़ाइल करते हैं और जिनकी आय व्यवसाय से है, उन्हें फ़ॉर्म 10IEA जमा करना अनिवार्य है। आई.टी.आर.-1 या आई.टी.आर.-2 फ़ाइल करने वाले व्यक्तिगत करदाता और एच.यू.एफ. को विवरणी फ़ाइल करने से पहले फ़ॉर्म 10IEA जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
6. आई.टी.आर.-1 फ़ाइल करने के लिए मुझे किन दस्तावेज़ों की आवश्यकता है?
आई.टी.आर. फ़ाइल करने के लिए आपको निम्नलिखित दस्तावेज़ों की आवश्यकता होगी:
. फ़ॉर्म16
. फ़ॉर्म16A
. फ़ॉर्म26AS
. ए.आई.एस.
. वेतन पर्ची
• बैंक विवरण
. गृह ऋण ब्याज प्रमाणपत्र
. गृह किराया रसीद (यदि लागू हो)
. किराया अनुबंध
. किए गए दान की रसीदें
. निवेश, प्रीमियम भुगतान रसीदें – एल.आई.सी, यू.एल.आई.पी. आदि तथा अन्य संबंधित दस्तावेज़, जिन्हें आई.टी.आर. फॉर्म में जानकारी देने के लिए प्रस्तुत करना आवश्यक है।
आई.टी.आर. फॉर्म परिशिष्ट-रहित फ़ॉर्म होते हैं, इसलिए आपको अपने विवरणी के साथ कोई दस्तावेज़ (जैसे निवेश का प्रमाण, टी.डी.एस. प्रमाणपत्र) संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है, चाहे विवरणी मैन्युअली फ़ाइल किया जाए या इलेक्ट्रॉनिक रूप से। हालांकि, आपको इन दस्तावेज़ों को सुरक्षित रखना आवश्यक है ताकि आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कर प्राधिकरणों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके, जैसे निर्धारण, जांच आदि की स्थिति में।
7. आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय मुझे कौन-सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
• कर व्यवस्था का चयन सावधानीपूर्वक करें।
. ए.आई. एस. और फ़ॉर्म 26AS डाउनलोड करें और वास्तविक टी.डी.एस./ टी.सी.एस./ कर भुगतान की जाँच करें। यदि आपको कोई अंतर दिखाई दे, तो आपको इसे नियोक्ता/ कर कटौतीकर्ता/ बैंक के साथ मिलान करना चाहिए।
. आई.टी.आर. फ़ाइल करते समय जिन दस्तावेज़ों का संदर्भ लेना है, उन्हें संकलित करें और सावधानीपूर्वक अध्ययन करें, जैसे— बैंक स्टेटमेंट/ पासबुक, ब्याज प्रमाणपत्र, छूट या कटौती का दावा करने के लिए रसीदें, फॉर्म 16, फ़ॉर्म 26AS (वार्षिक सूचना विवरण), निवेश प्रमाणपत्र आदि
. सही आई.टी.आर. फॉर्म (आई.टी.आर.-1 से आई.टी.आर.-7) की पहचान करें। विवरणी फॉर्म में सभी ब्यौरे भरें जैसे कुल आय, कटौतियाँ (यदि हों), ब्याज (यदि हो), कर भुगतान/ संग्रह (यदि हो) आदि। आई.टी.आर. फ़ॉर्म के साथ कोई दस्तावेज़ संलग्न करने की आवश्यकता नहीं है।
. आयकर विवरणी को नियत तिथि पर या उससे पहले ई-फाइल करें। विवरणी फ़ाइल करने में देरी के परिणामस्वरूप विलंब शुल्क देना पड़ सकता है, हानियाँ अग्रेषित नहीं की जा सकतीं, तथा कटौतियाँ और छूटें उपलब्ध नहीं होंगी।
. विवरणी को ई-फाइल करने के बाद उसे ई-सत्यापित करें। यदि आप अपने विवरणी को स्वयं सत्यापित करना चाहते हैं, तो आई.टी.आर.-V पावती की हस्ताक्षरित भौतिक प्रति को (स्पीड पोस्ट द्वारा) विवरणी फ़ाइल करने के (30 दिनों) की उपयुक्त समयसीमा के अंदर केंद्रीकृत प्रसंस्करण केंद्र,आयकर विभाग, बेंगलुरु 560500 (कर्नाटक) को भेजें।
8. मुझे कैसे पता चलेगा कि मुझे कौन-सा आई.टी.आर. फ़ॉर्म फ़ाइल करना है?
व्यक्तिगत करदाताओं के लिए आय के स्रोत और निवास स्थिति के आधार पर अलग-अलग आई.टी.आर. फ़ॉर्म निर्धारित किए गए हैं। सही आई.टी.आर. फ़ॉर्म फ़ाइल करने के लिए आप 'मेरी सहायता करें' सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद आपके सामने प्रदर्शित प्रश्नों के सेट का उत्तर देकर आप सही आई.टी.आर. फॉर्म निर्धारित कर सकते हैं।

9. क्या नई कर व्यवस्था एक डिफ़ॉल्ट व्यवस्था है?
हाँ। निर्धारण वर्ष 2024-25 से, नई कर व्यवस्था डिफ़ॉल्ट विकल्प है। प्रत्येक वर्ष, आप उस निर्धारण वर्ष के लिए पुरानी और नई कर व्यवस्था में से किसी एक का चयन कर सकते हैं।
10. क्या आई.टी.आर.-1 फ़ॉर्म फ़ाइल करते समय सभी कटौतियों का दावा किया जा सकेगा?
हाँ, जैसे ही आप डिफ़ॉल्ट (नई कर व्यवस्था) के विकल्प को बदलकर पुरानी कर व्यवस्था चुनते हैं और विवरणी में व्यक्तिगत जानकारी अनुभाग के अंतर्गत दिए गए प्रश्न का उत्तर 'हाँ' करते हैं, जैसा कि नीचे दिए गए स्क्रीनशॉट में दर्शाया गया है, तब सभी पात्र कटौतियाँ उपलब्ध हो जाएँगी और आप उन्हें विवरणी में दावा कर सकेंगे:

डिफ़ॉल्ट रूप से, यह विकल्प 'नहीं' चुना जाएगा और पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत सभी कटौतियाँ विवरणी में निष्क्रिय रहेंगी जैसे ही विकल्प को 'हाँ' चुनकर पुरानी कर व्यवस्था में बदला जाएगा, तब सभी कटौतियाँ सक्रिय हो जाएँगी और करदाता उन सभी कटौतियों का दावा कर सकेंगे।
11. नई कर व्यवस्था (डिफ़ॉल्ट) और पुरानी कर व्यवस्था के अनुसार धारा 87A के अंतर्गत छूट क्या है?
वर्तमान में, धारा 87A व्यक्तियों को पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत ₹ 12,500 तथा नई कर व्यवस्था के अंतर्गत ₹ 60,000 की छूट का दावा करने की अनुमति देती है।
12. मैं अपने जीवनसाथी के साथ एक गृह का/की संयुक्त स्वामी हूँ। हमारी कोई अतिरिक्त सम्पत्ति नहीं है। क्या मैं निर्धारण वर्ष 2026-27 में ऐसे गृह से प्राप्त किराया आय के लिए आई.टी.आर.-1 फ़ाइल कर सकता/सकती हूँ?
हाँ, आप निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए आई.टी.आर.-1 फ़ाइल कर सकते हैं, यदि आप एकल या संयुक्त रूप से किसी एक संपत्ति के स्वामी हैं।
कृपया ध्यान दें: निर्धारण वर्ष 2026-27 से, आप आई.टी.आर.-1 में अधिकतम दो गृह संपत्तियों से आय का विवरण प्रकट कर सकते हैं।
13. क्या आई.टी.आर.-1 में गृह संपत्ति अनुसूची में कोई बदलाव हुआ है?
दो गृह संपत्तियों तक की आय को 'गृह संपत्ति' शीर्षक के अंतर्गत प्रकट किया जा सकता है। साथ ही, निर्धारण वर्ष 2025-26 से नई अनुसूची धारा 24(b): उधार ली गई पूंजी पर ब्याज जोड़ा गया है। इस अनुसूची में करदाता को नीचे दिए गए विवरण प्रस्तुत करने होंगे:
. ऋण लिया गया
. संस्था या बैंक का नाम
. ऋण खाता संख्या
. ऋण स्वीकृति की तिथि
. ऋणों की कुल राशि
. वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण
. उधार ली गई पूंजी पर ब्याज

14. अग्रिम कर क्या है?
वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए अग्रिम कर प्रायः नियोक्ताओं द्वारा टी.डी.एस. के माध्यम से ही लिया जाता है। लेकिन अन्य प्रकार की आय जैसे बचत बैंक खातों पर ब्याज, सावधि जमा, किराया आय, बॉन्ड्स या पूंजीगत लाभ कर देयता को बढ़ा देते हैं। कर दायित्व का अनुमान पहले से लगाना आवश्यक होता है। यदि अनुमानित कर देयता प्रति वर्ष ₹10,000/- से अधिक है, तो करदाताओं को अग्रिम कर त्रैमासिक किस्तों (जून, सितंबर, दिसंबर और मार्च) में भुगतान करना होता है।
15. अग्रिम कर और स्व-मूल्यांकन कर की गणना और भुगतान कैसे किया जाता है?
अग्रिम कर: व्यक्तिगत के लिए अग्रिम कर की गणना इस प्रकार की जाती है:
किस्तें | अग्रिम कर का भुगतान% | भुगतान की अंतिम तिथि |
पहली किस्त | 15% कर दायित्व | 15 जून तक या उससे पहले |
दूसरी किस्त | कर दायित्व का 45% (-) पहले से भुगतान किया गया अग्रिम कर | 15 सितंबर तक या उससे पहले |
तीसरी किस्त | कर दायित्व का 75% (-) पहले से भुगतान किया गया अग्रिम कर | 15 दिसम्बर तक या उससे पहले |
चौथी किस्त | कर दायित्व का 100% (-) पहले से भुगतान किया गया अग्रिम कर | 15 मार्च तक या उससे पहले |
स्व-मूल्यांकन कर: अपने आई.टी.आर. फॉर्म में टी.डी.एस और अग्रिम (यदि भुगतान किया हो) का ब्यौरा भरने के बाद पद्धति आपकी आय की गणना करती है और यह जांचती है कि क्या अभी भी कोई कर देय है। यदि कर देय है, तो आपको उसे भुगतान करना होगा और फिर विवरणी जमा करने से पहले चालान का विवरण फॉर्म में भरना होगा।
16. भत्ता और परिलब्धियाँ में क्या अंतर है? क्या ये मेरी आय के रूप में मानी जाती हैं?
भत्ते निश्चित समयांतराल पर वेतन से अलग वह राशि होती है जो नियोक्ता कर्मचारी को देता है, जैसे– परिवहन भत्ता, यात्रा भत्ता, वर्दी भत्ता आदि। भत्ते आय माने जाते हैं और आपकी सकल कुल आय में जुड़ जाते हैं, जिस पर कर लगाया जाता है। भत्ते कराधेय, आंशिक रूप से कर मुक्त, या पूर्ण रूप से कर मुक्त हो सकते हैं।
परिलब्धियाँ वे लाभ हैं जो आपको आपके आधिकारिक पद के कारण मिलते हैं और ये आपके वेतन या मजदूरी आय से अतिरिक्त होते हैं। ये सुविधाएँ कर योग्य या गैर-कर योग्य हो सकती हैं, यह उनकी प्रकृति पर निर्भर करता है।
17. क्या सभी दान पुराने कर व्यवस्था के तहत 100% कर मुक्त होते हैं?
नहीं, सभी दान कर से 100% मुक्त नहीं होते। कर कटौती की श्रेणियाँ, इस आधार पर तय होती हैं कि आपने किसे दान दिया है (जैसे– धर्मार्थ संस्था, सरकार द्वारा स्थापित फंड, वैज्ञानिक अनुसंधान संस्था आदि।) ये इस प्रकार हैं:
- वे दान जिन पर बिना किसी सीमा के 100% कटौती का अधिकार मिलता है
- वे दान जिन पर बिना किसी सीमा के 50% कटौती का अधिकार मिलता है
- वे दान जिन पर योग्यता सीमा के अधीन 100% कटौती का अधिकार मिलता है
- वे दान जिन पर योग्यता सीमा के अधीन 50% कटौती का अधिकार मिलता है
आपको अपने दान की रसीद पर दी गई कटौती सीमा की जाँच अवश्य करनी चाहिए और उसी के अनुसार आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय कटौती का दावा करना चाहिए।
18. क्या ई-फ़ाइलिंग और ई-भुगतान एक ही चीज़ हैं?
नहीं। वह प्रक्रिया है जिसमें आप अपनी आयकर विवरणी को इलेक्ट्रॉनिक रूप से ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर जमा करते हैं और ई-भुगतान वह प्रक्रिया है जिसमें आप ई-फाइलिंग पोर्टल पर ई-कर भुगतान कार्यविधि का उपयोग करके कर का इलेक्ट्रॉनिक भुगतान करते हैं।
19. मैंने अपना आई.टी.आर. फ़ाइल करते समय गणना में गलती कर दी। क्या मैं इसे सुधारकर अपना विवरणी दोबारा जमा कर सकता/सकती हूँ?
यदि बाद में आपको पता चलता है कि आपने पहले से जमा किए गए विवरणी में कोई गलती की है, तो आप अपना विवरणी पुनः जमा कर सकते हैं या संशोधित कर सकते हैं। इसे संशोधित विवरणी कहा जाता है। आपका विवरणी सुसंगत निर्धारण वर्ष के तीन महीने की अवधि समाप्त होने से पहले संशोधित किया जाना चाहिए।
निर्धारण वर्ष 2026-27 से, संशोधित विवरणी फ़ाइल करने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर संबंधित निर्धारण वर्ष की समाप्ति तक कर दिया गया है, अर्थात् 31 मार्च तक।.
20.क्या मुझे निर्धारण वर्ष 2026-27 से संशोधित विवरणी फ़ाइल करने पर कोई अतिरिक्त शुल्क देना होगा?
हाँ, निर्धारण वर्ष 2026-27 से यदि संशोधित विवरणी 31 दिसंबर के बाद और संबंधित निर्धारण वर्ष 31 मार्च तक फ़ाइल किया जाता है तो धारा 234I के अंतर्गत अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना आवश्यक होगा।
21. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234I के अंतर्गत शुल्क संरचना क्या है
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 234I के अनुसार शुल्क संरचना इस प्रकार है:
- ₹5लाख तक की कुल आय पर शुल्क: ₹1,000
- ₹5लाख से अधिक कुल आय पर शुल्क: ₹5,000
22. क्या मैं अभी पिछले 4 निर्धारित वर्ष के लिए आई.टी.आर. फ़ाइल कर सकता हूँ?
हाँ, यदि आपने पिछले चार वर्षों के लिए आई.टी.आर.फ़ाइल करने का अवसर खो दिया है, तो आप आई.टी.आर.-U फ़ाइल कर सकते हैं। वर्तमान वर्ष (निर्धारण वर्ष 2026-27) के लिए आप अपना नियमित आई.टी.आर. फ़ाइल कर सकते हैं।
23. यदि मैं आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के अंतर्गत नियत तिथि के बाद आयकर विवरणी फ़ाइल करता हूँ तो क्या होता है?
यदि आप धारा 139(1) के अंतर्गत नियत तिथि तक आई.टी.आर. फ़ाइल करने का अवसर खो देते हैं, तो भी आप अपना आयकर विवरणी फ़ाइल कर सकते हैं, लेकिन आपको अधिकतम ₹5,000 तक की विलंब शुल्क भुगतान करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त, (यदि कोई) कर देय है तो आपको उस पर ब्याज भी देना होगा।
24. यदि मेरे नियोक्ता / बैंक ने कर काट लिया है, तो क्या मुझे विवरणी फ़ाइल करना आवश्यक है?
हाँ, नियोक्ता और बैंक क्रमशः वेतन और ब्याज आय पर स्रोत पर कर टी.डी.एस. काटते हैं। फिर भी आपको उस आय को जिस पर कर काटा गया है, आयकर विवरणी में दर्शाना होता है और टी.डी.एस. का क्रेडिट दावा करना होता है।
25.यदि मैं धारा 80C के अंतर्गत कटौतियों का दावा कर रहा हूँ, तो क्या मुझे अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता है?
आपको धारा 80C के अंतर्गत कटौती के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप धारा 80C के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- कटौती के लिए पात्र राशि
- पॉलिसी सं. अथवा दस्तावेज़ पहचान सं.

26. यदि मैं धारा 80CCD (1) या धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत कटौतियों का दावा कर रहा हूँ, तो क्या मुझे अतिरिक्त जानकारी देनी होगी
आपको धारा 80CCD (1) या धारा 80CCD(1B) के अंतर्गत कटौती के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप इन कटौतियों का दावा करना चाहते हैं, तो आपको पी.आर.ए.एन. विकल्प पर क्लिक करके पी.आर.ए.एन. दर्ज करना होगा।

यदि आप पी.आर.ए.एन. विकल्प में पी.आर.ए.एन. दर्ज करना भूल जाते हैं तो आपको नीचे दिया गया सत्यापन त्रुटि दिखाई देगी:

27. यदि मैं धारा 80DD या धारा 80U के अंतर्गत कटौतियों का दावा कर रहा हूँ, तो मुझे आई.टी.आर. फॉर्म में कौन‑सी अतिरिक्त जानकारी देनी होगी?
आपको धारा 80DD या धारा 80U के अंतर्गत कटौती के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप धारा 80DD या धारा 80U के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- दिव्यांगता की प्रकृति
- दिव्यांगता का प्रकार
- आश्रित का प्रकार
- कटौती की राशि
- आश्रित का पैन
- आश्रित का आधार
- फ़ाइल किए गए फॉर्म 10IA की पावती सं.

28. यदि मैं धारा 80D के अंतर्गत कटौतियों का दावा कर रहा हूँ, तो क्या मुझे अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता होगी?
आपको धारा 80D के अंतर्गत कटौती के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप धारा 80D के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- बीमाकर्ता का नाम (बीमा कंपनी)
- पॉलिसी संख्या
- स्वास्थ्य बीमा राशि

29. यदि मैं धारा 80E, 80EE, 80EEA और 80EEB के अंतर्गत कटौतियों का दावा कर रहा हूँ, तो क्या मुझे अतिरिक्त जानकारी देने की आवश्यकता है?
आपको धारा 80E, 80EE, 80EEA और 80EEB के अंतर्गत कटौती के संबंध में अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप इन धाराओं के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- लिया गया ऋण
- संस्था या बैंक का नाम
- ऋण खाता संख्या
- ऋण स्वीकृति की तिथि
- ऋण की कुल राशि
- निर्धारित तिथि पर बकाया ऋण
- ब्याज राशि
धारा 80E के अंतर्गत कटौतियाँ:

धारा 80EE के अंतर्गत कटौतियाँ:

धारा 80EEB के अंतर्गत कटौतियाँ:

30. यदि मैं धारा 80GG के अंतर्गत कटौती का दावा कर रहा हूँ, तो क्या मुझे कोई फ़ॉर्म फ़ाइल करना होगा?
यदि आप धारा 80GG के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको आयकर विवरणी फ़ाइल करने से पहले फ़ॉर्म 10BA अनिवार्य रूप से फ़ाइल करना होगा और आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय अनुसूची 80GG में फ़ॉर्म 10BA का विवरण (पावती संख्या) दर्ज करना होगा।

31. यदि मैं धारा 80DD और 80U के अंतर्गत कटौती का दावा कर रहा/रही हूँ, तो क्या मुझे कोई फ़ॉर्म फ़ाइल करना होगा?
यदि आप धारा 80DD और 80U के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको आयकर विवरणी फ़ाइल करने से पहले फ़ॉर्म 10IA अनिवार्य रूप से फ़ाइल करना होगा और आयकर विवरणी फ़ाइल करते समय अनुसूची 80DD और 80U में फ़ॉर्म 10IA का विवरण (फ़ाइल करने की तिथि और पावती संख्या) दर्ज करना होगा।\
32. यदि मैं धारा 80G के अंतर्गत कटौती का दावा कर रहा/रही हूँ, तो क्या मुझे कोई अतिरिक्त जानकारी देनी होगी?
आपको धारा 80G के अंतर्गत कटौती से संबंधित अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप इस धारा के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- दान का प्रकार
- दान प्राप्तकर्ता का पैन
- दान प्राप्तकर्ता का नाम
- दान प्राप्तकर्ता का पता
- नकद में दान
- अन्य माध्यम से किया गया दान
- यू.पी.आई. हस्तांतरण/ चेक संख्या/ आई. एम.पी.एस./ एन.ई.एफ.टी./ आर.टी.जी.एस. के लिए लेन-देन संदर्भ संख्या
- बैंक का आई.एफ.एस.सी. कोड

33.क्या मुझे धारा 80GGC के अंतर्गत कटौती का दावा करते समय कोई अतिरिक्त जानकारी प्रदान करने की आवश्यकता है?
आपको धारा 80GGC के अंतर्गत कटौती से संबंधित अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। यदि आप इस धारा के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
- तिथि:
- राजनीतिक दल का नाम
- राजनीतिक दल का पैन
- योगदान की राशि
- यू.पी.आई. हस्तांतरण/ चेक संख्या/ आई. एम.पी.एस./ एन.ई.एफ.टी./ आर.टी.जी.एस. के लिए लेन-देन संदर्भ संख्या
- बैंक का आई.एफ.सी. कोड

34. क्या मुझे निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए आई.टी.आर.-1 के टी.डी.एस. अनुसूची में टी.डी.एस. विवरण भरते समय टी.डी.एस. अनुभाग का चयन अनिवार्य रूप से करना होगा?
हाँ, यदि आप टी.डी.एस. का दावा करना चाहते हैं तो आपको अनिवार्य रूप से उस अनुभाग का चयन करना होगा जिसके अंतर्गत टी.डी.एस. काटा गया है।
