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हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए लागू रिटर्न और फॉर्म

अस्वीकरण: इस पृष्ठ पर दिया गया विवरण केवल एक सामान्य जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए है, यह पूर्ण नहीं है। विस्तृत जानकारी और दिशानिर्देशों के लिए कृपया आयकर अधिनियम, 1961 के प्रपत्रों, नियमों और अधिसूचनाओं का संदर्भ लें।

 

1. आईटीआर-2 – उस व्यक्ति (जो आईटीआर-1 के लिए पात्र नहीं है) तथा हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए लागू।

यह विवरणी व्यक्तियों तथा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू है।

व्यवसाय अथवा पेशे के लाभ एवं प्राप्ति के अतिरिक्त किसी भी शीर्ष के अंतर्गत आय रखने वाले।

आयकर-1 दाखिल करने के लिए कौन पात्र नहीं है? (केवल व्यक्ति पर लागू)

 

2. आईटीआर-3 – व्यक्तियों तथा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू।

यह विवरणी व्यक्तियों तथा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू है।

व्यवसाय अथवा पेशे के लाभ एवं प्राप्ति के शीर्ष अंतर्गत आय रखने वाले

जो आईटीआर-1, आईटीआर-2 अथवा आईटीआर-4 दाखिल करने के लिए पात्र नहीं हैं

 

3.आईटीआर-4 (सुगम) – व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) तथा फर्म (एलएलपी को छोड़कर) के लिए लागू।

यह रिटर्न उन व्यक्तियों अथवा हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए लागू है, जो निवासी हैं (परन्तु सामान्य निवासी नहीं), अथवा ऐसी फर्म (एलएलपी को छोड़कर) जो निवासी है, जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है और जिनकी आय व्यवसाय अथवा पेशे से है, जिसे अनुमानित आधार पर (आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD / 44ADA / 44AE के अंतर्गत) गणना की जाती है, तथा निम्नलिखित में से किसी भी स्रोत से आय हो:

वेतन / पेंशन

एक गृह संपत्ति

अन्य स्रोत (ब्याज, पारिवारिक पेंशन, लाभांश, आदि।)

₹ 5,000 तक की कृषि आय

धारा 112A (आयकर अधिनियम, 1961) के तहत 1,25,000 रुपये तक की पूँजी अभिलाभ आय

 

 

टिप्पणी: 1

आईटीआर-4 उन व्यक्तियों पर लागू नहीं होता, जो:

  1. किसी कंपनी में निदेशक है
  2. अल्पकालिक पूंजी लाभ है
  3. आयकर अधिनियम, 1961) की धारा 112A के अंतर्गत ₹1.25 लाख से अधिक का दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ है
  4. पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कोई भी असूचीबद्ध इक्विटी शेयर धारित किए हैं।
  5. भारत के बाहर स्थित कोई संपत्ति (किसी भी संस्था में वित्तीय हित सहित) रखता है।
  6. भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार रखता है।
  7. भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय है।
  8. वह व्यक्ति जिसके मामले में ESOP पर कर का भुगतान अथवा कटौती स्थगित कर दी गई है।
  9. जिसका आय के किसी भी मद के तहत कोई अग्रनीत घाटा हो, अथवा कोई ऐसा घाटा हो जिसे आगे ले जाना हो।
  10. जिसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है।

टिप्पणी: 2

आईटीआर-4 (सुगम) अनिवार्य नहीं है। यह एक सरलीकृत विवरणी फॉर्म है, जिसका उपयोग करदाता अपनी इच्छा से कर सकता है, यदि वह आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD, 44ADA अथवा 44AE के अंतर्गत व्यवसाय अथवा पेशे से होने वाले लाभ एवं प्राप्ति को अनुमानित आधार पर घोषित करने के लिए पात्र है।

 

लागू होने वाले फॉर्म (आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार)

 

1. फॉर्म 16A – आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के तहत वेतन के अतिरिक्त आय पर टीडीएस का प्रमाणपत्र।

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा:

कटौतीकर्ता से कटौती प्राप्तकर्ता

फॉर्म 16A एक स्रोत पर कर कटौती (TDS) प्रमाणपत्र है, जो TDS की राशि, भुगतान की प्रकृति और वेतन के अलावा अन्य आय पर आयकर विभाग के पास निक्षिप्त TDS को दर्शाता है।

 

2.

फ़ॉर्म 26 AS

AIS (वार्षिक सूचना विवरण)

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

आयकर विभाग (यह ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है:

आयकर लॉगिन > ई-फाइल > आयकर विवरणी > फॉर्म 26AS देखें)

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा:

कर कटौती / स्रोत पर संग्रह

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

आयकर विभाग (इसे आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करने के पश्चात ऐक्सेस किया जा सकता है)

ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएं > लॉगिन करें > AIS

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा:

  • कर कटौती / स्रोत पर संग्रह
  • SFT सूचना
  • करों का भुगतान
  • मांग / प्रतिदाय

अन्य जानकारी (जैसे लंबित/पूर्ण कार्यवाहियां, GST की जानकारी, विदेशी सरकार से प्राप्त जानकारी आदि)

 

3. फॉर्म 15G – निवासी करदाता (जो कंपनी अथवा फर्म नहीं है) द्वारा कुछ प्राप्तियों पर कर कटौती के बिना दावा करने हेतु दिया गया घोषणा-पत्र।

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा

60 वर्ष से कम आयु का कोई निवासी व्यक्ति, HUF, अथवा कोई अन्य व्यक्ति (कंपनी/फर्म के अतिरिक्त), बैंक को — ब्याज आय पर TDS न काटने के लिए — यदि वह आय मूल छूट सीमा से कम है।

वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय

 

4. फॉर्म 67 – भारत के बाहर किसी देश अथवा निर्दिष्ट क्षेत्र से प्राप्त आय तथा विदेशी कर जमा धन का विवरण।

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा

करदाता, धारा 139(1) के तहत आई.टी.आर. प्रस्तुत करने के लिए निर्दिष्ट नियत तिथि को अथवा उससे पहले प्रस्तुत किया जाना है।

भारत के बाहर किसी देश अथवा निर्दिष्ट क्षेत्र से दावा की गई आय और विदेशी कर क्रेडिट।

 

5. फॉर्म 3CB-3CD

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा

धारा 44AB के तहत वे करदाता जिन्हें अपने खातों का लेखापरीक्षा किसी लेखापाल से करवाना अनिवार्य है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उपधारा (1) के तहत आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि से एक माह पूर्व प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AB के तहत लेखापरीक्षा रिपोर्ट (फॉर्म 3CB) और विशिष्टियों का विवरण पत्र (फॉर्म 3CD) प्रस्तुत करना आवश्यक है।

 

6. फॉर्म 3CEB

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में उपबंध किया गया ब्यौरा

ऐसे करदाता जो किसी अंतर्राष्ट्रीय संव्यवहार अथवा निर्दिष्ट घरेलू संव्यवहार में शामिल होते हैं, उनके लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 92E के तहत एक सनदी लेखाकार से रिपोर्ट प्राप्त करना आवश्यक है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उपधारा (1) के तहत आयकर विवरणी दाखिल करने की नियत तिथि से एक माह पूर्व प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।

अधिकृत लेखाकार से प्राप्त रिपोर्ट, जिसमें सभी अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन और निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन का विवरण शामिल होता है।

 

निर्धारण वर्ष 2026-2027 के लिए कर स्लैब

 

नई कर व्यवस्था बनाम पुरानी कर व्यवस्था

  • वित्त अधिनियम, 2023 ने आयकर अधिनियम की धारा 115BAC के प्रावधानों में आकलन वर्ष 2024-25 से संशोधन किया है, जिसके तहत नई कर व्यवस्था को व्यक्तिगत करदाताओं, हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), व्यक्तियों के संघ (AOP, सहकारी समितियों को छोड़कर), व्यक्तियों के निकाय (BOI) अथवा कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के लिए डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बना दिया गया है। हालांकि, पात्र करदाताओं के पास इस व्यतिक्रम कर व्यवस्था से बाहर निकलकर पुरानी कर व्यवस्था को चुनने का विकल्प उपलब्ध है। पुरानी कर व्यवस्था से आशय उस आयकर प्रणाली तथा कर स्लैब से है, जो नई कर व्यवस्था के लागू होने से पहले प्रभावी थे। पुरानी कर व्यवस्था में करदाता विभिन्न कर कटौतियों और छूटों का दावा कर सकते हैं।
    इसके विपरीत, व्यतिक्रम (नई) कर व्यवस्था में कर दरें पुरानी कर व्यवस्था की तुलना में कम होती हैं।

गैर-व्यावसायिक मामले:

  • “गैर-व्यावसायिक मामलों” में, व्यतिक्रम कर व्यवस्था में परिवर्तन का विकल्प हर वर्ष सीधे आयकर विवरणी में लिया जा सकता है, और ऐसा विवरणी आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के अंतर्गत निर्धारित नियत तिथि को अथवा उससे पहले दाखिल करना आवश्यक होता है।

व्यवसाय और पेशे के मामले:

  • कारबार और वृत्ति से आय वाले पात्र करदाताओं के मामले में यदि करदाता व्यतिक्रम कर व्यवस्था से बाहर निकलने का विकल्प चुनना चाहते हैं, तो उन्हें आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत नियत तिथि को या उससे पहले फ़ॉर्म संख्या 10-IEA प्रस्तुत करना होगा। इसके अतिरिक्त, ऐसे विकल्प को वापस लेने यानी नई कर व्यवस्था में पुनः प्रवेश करने के प्रयोजन के लिए भी फ़ॉर्म संख्या 10-IEA प्रस्तुत करना होगा।
  • हालाँकि, पुरानी कर व्यवस्था से बाहर निकलने और व्यतिक्रम कर व्यवस्था में पुनः प्रवेश करने का विकल्प केवल अनुवर्ती निर्धारण वर्ष में ही उपलब्ध है और यह कारबार एवं वृत्ति से आय अर्जित करने वाले पात्र करदाताओं के लिए जीवनकाल में केवल एक बार उपलब्ध है।

 

 

कर स्लैब

निवासी अथवा अनिवासी हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए पिछले वर्ष के दौरान कर दरें निम्नानुसार हैं:

पुरानी कर व्यवस्था

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के अंतर्गत नई कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

 

आयकर स्लैब

आयकर दर

₹ 2,50,000 तक

शून्य

 

₹ 4,00,000 तक

शून्य

₹ 2,50,001 - ₹ 5,00,000

₹2,50,000 से अधिक 5%

 

₹ 4,00,001 - ₹ 8,00,000

₹4,00,000 से अधिक 5% 

₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000

₹ 12,500 + ₹ 5,00,000 से अधिक 20%

 

₹ 8,00,001 - ₹ 12,00,000

₹ 20,000 + ₹ 8,00,000 से अधिक 10%

₹ 10,00,000 से अधिक

₹ 1,12,500 + ₹ 10,00,000 से अधिक 30%

 

₹ 12,00,001 - ₹ 16,00,000

₹ 60,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 15%

 

₹ 16,00,001 - ₹ 20,00,000

₹ 1,20,000 + ₹ 16,00,000 से अधिक 20%

 

₹ 20,00,001 - ₹ 24,00,000

₹ 2,00,000 + ₹ 20,00,000 से अधिक 25%

₹ 24,00,000 से अधिक

 

 

 

₹ 3,00,000 + ₹ 24,00,000 से अधिक 30%

 

लागू अधिभार दरें:

 

      

 

आय सीमा

आयकर की राशि पर अधिभार दर

 

(नई कर व्यवस्था)

आयकर की राशि पर अधिभार दर

 

(पुरानी कर व्यवस्था)

 

50 लाख रुपये तक

शून्य

शून्य

50 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये

10%

10%

1 करोड़ रुपये से 2 करोड़ रुपये

15%

15%

2 करोड़ रुपये से 5 करोड़ रुपये

25%

25%

5 करोड़ रुपये से अधिक

25%

37%

 

*टिप्पणी: 25% और 37% का बढ़ा हुआ अधिभार, जैसा भी मामला हो उन आय पर नहीं लगाया जाता है, जिन पर अनुभाग 111A, 112, 112A और डिविडेंड आय के तहत कर लगता है। अतः ऐसी आय पर देय कर पर अधिभार की अधिकतम दर 15% होगी, सिवाय तब जब आय पर अनुभाग 115A, 115AB, 115AC, 115ACA और 115E के तहत कर लगता हो।

 

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 87A के तहत लागू छूट: निवासी व्यक्ति भी आयकर पर 100% तक की छूट के पात्र हैं, जिसकी अधिकतम सीमा नीचे दिए गए कर व्यवस्थाओं के अनुसार निर्धारित है:

कर व्यवस्था

छूट की सीमा

छूट का शर्त

नई कर व्यवस्था

₹ 60,000

कर योग्य आय 12,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

पुरानी कर व्यवस्था

₹ 12,500

कर योग्य आय 5,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

 

***टिप्पणी: दोनों व्यवस्थाओं में, आयकर की राशि और अधिभार (यदि कोई हो) पर 4% की दर से स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर का भुगतान करना होगा।

 

 

यदि अर्जित आय की राशि क्रमशः ₹50 लाख, ₹1 करोड़, ₹2 करोड़ अथवा ₹5 करोड़ से अधिक हो, तो अधिभार से सीमांत राहत का दावा किया जा सकता है, जैसा कि नीचे दिया गया है:

शुद्ध आय परिक्षेत्र

सीमांत राहत

अधिक (रुपये)

इससे अधिक नहीं (रुपये)

50 लाख

1 करोड़

आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि, 50 लाख रुपये की कुल आय पर देय कुल आयकर राशि से, 50 लाख रुपये से अधिक की आय की राशि से अधिक नहीं होगी।

1 करोड़

2 करोड़

आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि, 1 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो 1 करोड़ रुपये से अधिक है।

2 करोड़

5 करोड़

आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि, 2 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो 2 करोड़ रुपये से अधिक है।

5 करोड़

-

आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि, 5 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से, 5 करोड़ रुपये से अधिक वाली आय की राशि से ज़्यादा नहीं होगी।

निवेश / भुगतान / आय, जिन पर कोई करदाता आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर लाभ प्राप्त कर सकता है।

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC (1A) के तहत नई कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता के लिए उपलब्ध कटौतियाँ:

धारा 24(b) – आवास ऋण पर दिए गए ब्याज के संबंध में गृह संपत्ति से आय में से कटौती

 

सम्पत्ति की प्रकृति

ऋण का उद्देश्य

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आवश्यक विवरण

किराए पर

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य (परन्तु, यदि 'गृह संपत्ति से आय' शीर्ष के अंतर्गत कोई हानि होती है, तो उसे अनुसूची CYLA में किसी अन्य शीर्ष के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जा सकता है और न ही उसे आगे के वर्षों के लिए अग्रानीत किया जा सकता है।)

बैंक / बैंक के अतिरिक्त अन्य से लिया गया ऋण

  • बैंक / संस्था / व्यक्ति का नाम, जिससे ऋण लिया गया है
  • ऋण खाता संख्या
  • ऋण संस्वीकृति की तिथि
  • ऋण की कुल राशि
  • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि को बकाया ऋण
  • उधार ली गई पूंजी पर ब्याज धारा 24(b) के तहत
निवेश / भुगतान / आय, जिन पर कोई करदाता आयकर अधिनियम, 1961 के तहत कर लाभ प्राप्त कर सकता है।

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC (1A) के तहत नई कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता के लिए उपलब्ध कटौतियाँ:

धारा 24(b) – आवास ऋण पर दिए गए ब्याज के संबंध में गृह संपत्ति से आय में से कटौती

 

सम्पत्ति की प्रकृति

ऋण का उद्देश्य

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आवश्यक विवरण

किराए पर

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य (परन्तु, यदि 'गृह संपत्ति से आय' शीर्ष के अंतर्गत कोई हानि होती है, तो उसे अनुसूची CYLA में किसी अन्य शीर्ष के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जा सकता है और न ही उसे आगे के वर्षों के लिए अग्रानीत किया जा सकता है।)

बैंक / बैंक के अतिरिक्त अन्य से लिया गया ऋण

  • बैंक / संस्था / व्यक्ति का नाम, जिससे ऋण लिया गया है
  • ऋण खाता संख्या
  • ऋण संस्वीकृति की तिथि
  • ऋण की कुल राशि
  • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि को बकाया ऋण
  • उधार ली गई पूंजी पर ब्याज धारा 24(b) के तहत

 

पुरानी कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता को निम्नलिखित कटौतियाँ उपलब्ध होंगी

आयकर अधिनियम, 1961 के अध्याय VI-A के अंतर्गत निर्दिष्ट कटौतियाँ

 

80C

किए गए भुगतान के लिए कटौती

  • जीवन बीमा प्रीमियम
  • भविष्य निधि
  • कुछ इक्विटी शेयरों के लिए अभिदान
  • ट्यूशन शुल्क
  • राष्ट्रीय बचत पत्र,
  • आवास ऋण मूल
  • अन्य विभिन्न मद

संयुक्त कटौती सीमा

₹ 1,50,000

प्रत्येक पात्र भुगतान के लिए आईटीआर में भरे जाने वाले विवरण

पॉलिसी संख्या अथवा दस्तावेज़ पहचान संख्या
धारा 80C के तहत कटौती के लिए पात्र राशि

टिप्पणी:

धारा 80C के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:

  • कटौती की पात्र राशि
  • पॉलिसी संख्या अथवा दस्तावेज़ पहचान संख्या


 

B. पुरानी कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता के लिए उपलब्ध कटौतियाँ:

1. धारा 24(b) – गृह संपत्ति से आय में से, आवास ऋण और आवास सुधार ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज की कटौती।

धारा 24(ब) – गृह संपत्ति से आय में से आवास ऋण तथा गृह सुधार ऋण पर चुकाए गए ब्याज की कटौती। स्वयं-अधिवासित संपत्ति के मामले में, आवास ऋण पर चुकाए गए ब्याज की कटौती की अधिकतम सीमा ₹2 लाख है। धारा 24(ब) के अंतर्गत अनुमेय ब्याज की कटौती का विवरण नीचे सारणीबद्ध है:

सम्पत्ति की प्रकृति

जब ऋण लिया गया

ऋण का उद्देश्य

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आवश्यक विवरण

स्व-अध्यासित

1/04/1999 को अथवा उसके पश्चात

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

₹ 2,00,000

बैंक / बैंक के अतिरिक्त अन्य से लिया गया ऋण

  • बैंक / संस्था / व्यक्ति का नाम, जिससे ऋण लिया गया है
  • ऋण खाता संख्या
  • ऋण संस्वीकृति की तिथि
  • ऋण की कुल राशि
  • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि को बकाया ऋण
  • उधार ली गई पूंजी पर ब्याज धारा 24(b) के तहत

1/04/1999 को अथवा उसके पश्चात

गृह संपत्ति की मरम्मत के लिए

₹ 30,000

1/04/1999 से पहले

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

₹ 30,000

1/04/1999 से पहले

गृह संपत्ति की मरम्मत के लिए

₹ 30,000

किराए पर

किसी भी समय

गृह संपत्ति का निर्माण अथवा क्रय

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य

 

 

आयकर अधिनियम के अध्याय VI-A के तहत निर्दिष्ट कर कटौतियां।

80C

किए गए भुगतान के लिए कटौती

  • जीवन बीमा प्रीमियम
  • भविष्य निधि
  • कुछ इक्विटी शेयरों के लिए अभिदान
  • ट्यूशन शुल्क
  • राष्ट्रीय बचत पत्र,
  • आवास ऋण मूल
  • अन्य विभिन्न मद

संयुक्त कटौती सीमा

₹ 1,50,000

प्रत्येक पात्र भुगतान के लिए आईटीआर में भरे जाने वाले विवरण

पॉलिसी संख्या अथवा दस्तावेज़ पहचान संख्या
धारा 80C के तहत कटौती के लिए पात्र राशि

टिप्पणी:

धारा 80C के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:

  • कटौती की पात्र राशि
  • पॉलिसी संख्या अथवा दस्तावेज़ पहचान संख्या

 

80D

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और निवारक स्वास्थ्य की जांच-पड़ताल करने के लिए किए गए भुगतान के लिए कटौती

HUF के सदस्यों के लिए (60 वर्ष से कम आयु के)

निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए कटौती की सीमा ₹25,000 और ₹5,000 है, जो उपरोक्त सीमा में शामिल है।

HUF के सदस्यों के लिए (60 वर्ष से अधिक आयु के)

कटौती की सीमा ₹50,000 है, और निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ₹5,000 है, जो उपरोक्त सीमा में शामिल है।

HUF के सदस्य वरिष्ठ नागरिक पर किए गए चिकित्सा व्यय के संबंध में कटौती, यदि स्वास्थ्य बीमा पर कोई प्रीमियम नहीं चुकाया गया है।

कटौती की सीमा ₹50,000 है।

टिप्पणी:

धारा 80D के तहत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:

  • बीमाकर्ता (बीमा कंपनी) का नाम
  • पॉलिसी संख्या

स्वास्थ्य बीमा राशि

 

 

80DD

किसी दिव्यांग आश्रित के भरण-पोषण अथवा चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतानों अथवा किसी संबंधित अनुमोदित योजना के अंतर्गत भुगतान/जमा की गई किसी भी राशि के पर कटौती।

विकलांग व्यक्ति के लिए ₹75,000 की स्थिर कटौती उपलब्ध है, चाहे वास्तविक व्यय कितना भी हुआ हो।

यदि व्यक्ति को गंभीर विकलांगता (80% अथवा अधिक) है, तो कटौती ₹1,25,000 होगी।

टिप्पणी:

धारा 80DD के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए आईटीआर में निम्नलिखित विवरण प्रदान करने होते हैं:

  • दिव्यांगता की प्रकृति
  • विकलांगता का प्रकार
  • कटौती की राशि
  • आश्रित का प्रकार – "HUF का सदस्य" होना
  • आश्रित का PAN
  • आश्रित का आधार
  • ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी अथवा बहु-दिव्यांगता के मामले में दाखिल किए गए फॉर्म 10 IA की पावती संख्या
  • UDID नंबर (यदि उपलब्ध हो)

 

80DDB

निर्दिष्ट रोग के लिए आत्म निर्भर अथवा आश्रित के चिकित्सा उपचार हेतु किए गए भुगतानों पर कटौती।

₹40,000 की कटौती सीमा (वरिष्ठ नागरिक होने पर ₹1,00,000)


 

 

80G

निर्धारित निधियों, धर्मार्थ संस्थाओं आदि को दिए गए दान पर कटौती।

दान नीचे दी गई श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के पात्र है

बिना किसी सीमा के

100% कटौती
50% कटौती

योग्यता सीमा के अधीन रहते हुए

100% कटौती
50% कटौती

 

टिप्पणी: इस धारा के अंतर्गत ₹2,000/- से अधिक नकद दान पर कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

 

80GGA

वैज्ञानिक अनुसंधान अथवा ग्रामीण विकास के लिए किए गए दान के लिए कटौती

दान निम्न श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के लिए पात्र हैं:

अनुसंधान संबंध अथवा विश्वविद्यालय, महाविद्यालय अथवा अन्य संस्था के लिए

  • वैज्ञानिक अनुसंधान
  • सामाजिक विज्ञान अथवा सांख्यिकीय अनुसंधान

के लिए संघ अथवा संस्था

  • ग्रामीण विकास
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अथवा वनरोपण

PSU अथवा स्थानीय प्राधिकारी अथवा एक संघ अथवा संस्था जो राष्ट्रीय समिति द्वारा किसी पात्र परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए अनुमोदित की गई हो

केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित कोष

  • वनरोपण
  • ग्रामीण विकास

केंद्र सरकार द्वारा स्थापित एवं अधिसूचित राष्ट्रीय शहरी गरीबी उन्मूलन कोष

टिप्पणी: इस धारा के अंतर्गत ₹2,000/- से अधिक नकद दान पर कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।


 

 

80GGC

किसी राजनीतिक दल अथवा चुनावी न्यास को दिए गए दान पर कटौती।

नकद के अतिरीक्त किसी अन्य माध्यम से भुगतान की गई कुल राशि की कटौती।


 

 

80TTA

बचत बैंक खातों में निक्षेप पर प्राप्त ब्याज पर कटौती

कटौती की सीमा ₹10,000 है।


 


 

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