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निर्धारण वर्ष 2024-2025 के लिए वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू विवरणी और फ़ॉर्म

    जानकारी

    अस्वीकरण:इस पेज की सामग्री केवल अवलोकन और सामान्य मार्गदर्शन देने के लिए है और संपूर्ण नहीं है। सम्पूर्ण ब्यौरा और दिशानिर्देशों के लिए कृपया आयकर अधिनियम, नियम और अधिसूचना देखें।

    एक निवासी व्यक्ति जो पिछले वर्ष के दौरान आयु में 60 या उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम के हो गये हैँ, आय कर उद्देश्यों के लिए उन्हें वरिष्ठ नागरिक माना जाता है। एक अति वरिष्ठ नागरिक वह निवासी व्यक्ति हैँ जो पिछले वर्ष किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक के हो गये हैँ।

    जानकारी

    ध्यान दें:

    आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194P 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयकर विवरणी फ़ाइल करने से छूट देने की शर्तें प्रदान करती है।

    छूट की शर्तें:

    • वरिष्ठ नागरिक की आयु 75 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
    • वरिष्ठ नागरिक पिछले वर्ष में 'निवासी' होना चाहिए
    • वरिष्ठ नागरिक के पास केवल पेंशन आय और ब्याज आय और उसी निर्दिष्ट बैंक से अर्जित / अर्जित ब्याज आय है जिसमें वह अपनी पेंशन प्राप्त कर रहा है
    • वरिष्ठ नागरिक निर्दिष्ट बैंक को एक घोषणा प्रस्तुत करेगा।
    • बैंक केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित एक 'निर्दिष्ट बैंक' है। ऐसे बैंक अध्याय VI-A के तहत कटौती और 87A के तहत छूट पर विचार करने के बाद वरिष्ठ नागरिकों की टी.डी.एस. कटौती के लिए जिम्मेदार होंगे।
    • एक बार निर्दिष्ट बैंक, जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर की कटौती करता है, वरिष्ठ नागरिकों द्वारा आयकर विवरणी प्रस्तुत करने की कोई आवश्यकता नहीं होगी।
    धारा 194P 1 अप्रैल 2021 से लागू है।

     

     

    1. आई.टी.आर.-1 (सहज) – व्यक्ति के लिए लागू

    यह विवरणी एक निवासी (साधारणतया निवासी के अलावा अन्य) के लिए प्रयोज्य है, जिसकी कुल आय निम्नलिखित में से किसी भी स्रोत से ₹ 50 लाख तक है।

    वेतन / पेंशन एक गृह संपत्ति अन्य स्रोत (ब्याज, परिवार की पेंशन, लाभांश आदि) ₹ 5,000 तक की कृषि-आय

     

    जानकारी

    ध्यान दें: आई.टी.आर.-1 का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता जो:
    (a) किसी कंपनी में निदेशक है
    (b) जिसके पास पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय किसी भी गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रहे हों
    (c) जिसके पास भारत से बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी संस्था में वित्तीय हित सहित) है
    (d) जिसके पास भारत से बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का प्राधिकार है
    (e) जिसके पास भारत से बाहर किसी भी स्रोत से आय है
    (f) वह व्यक्ति है जिसके मामले में कर धारा 194N के तहत काटा गया है
    (g) वह व्यक्ति है जिसके मामले में ई.एस.ओ.पी. पर कर का भुगतान या कटौती स्थगित कर दी गई है।

    (h)जिनकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है।

     

    2. ITR-2- व्यक्ति और एच.यू.एफ. के लिए लागू

    यह विवरणी व्यक्तिगत और हिन्दु अविभक्त कुटुम्ब (एच.यू.एफ.) के लिए लागू है।

    कारोबार या वृत्ति से लाभ या अभिलाभ शीर्ष के अंतर्गत आय न होना आई.टी.आर.-1 दाखिल करने के लिए कौन पात्र नहीं है

     

    3. ITR-3- व्यक्ति और एच.यू.एफ. के लिए लागू

    यह विवरणी व्यक्तिगत और हिन्दु अविभक्त कुटुम्ब (एच.यू.एफ.) के लिए लागू है।

    कारोबार या व्यवसाय से लाभ या अभिलाभ शीर्ष के अंतर्गत आय होना आई.टी.आर.-1, 2 या 4 दाखिल करने के लिए कौन पात्र नहीं है

     

    4. आई.टी.आर.- 4 (सुगम) - व्यक्ति, एच.यू.एफ. और फर्म (एल.एल.पी. के अलावा) के लिए लागू

    यह विवरणी एक ऐसे व्यक्ति या हिन्दु अविभक्त कुटुम्ब (एच.यू.एफ.) के लिए प्रयोज्य है, जो साधारणतया निवासी नहीं या एक फर्म (एल.एल.पी. के अलावा) के अलावा निवासी है जो एक ऐसा निवासी है जिसकी कुल आय ₹ 50 लाख तक है और कारोबार या व्यवसाय से आय है जिसकी संगणना प्रकल्पित आधार पर की जाती है और निम्नलिखित में से किसी भी स्रोत से आय है:

    वेतन/ पेंशन एक गृह संपत्ति अन्य स्रोत (ब्याज, परिवार की पेंशन, लाभांश आदि) ₹ 5,000 तक की कृषि-आय कारोबार / व्यवसाय से आय धारा 44AD / 44ADA / 44AE के तहत अनुमानित आधार पर संगणित की जाती है

     

    जानकारी

    ध्यान दें: आई.टी.आर. - 4 का उपयोग उस व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता है जो:

    (a) कम्पनी में निदेशक है
    (b) जिसके पास पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय किसी भी गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रहे हों
    (c) जिसके पास भारत से बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी संस्था में वित्तीय हित सहित) है
    (d) जिसके पास भारत से बाहर स्थित किसी भी खाते में हस्ताक्षर करने का प्राधिकार है
    (e) जिसके पास भारत से बाहर किसी भी स्रोत से आय है
    (f) वह व्यक्ति है जिसके मामले में ESOP पर कर भुगतान की राशि या कर कटौती को आस्थगित कर दिया गया है

    (g) जिसकी कुल आय 50 लाख रुपये से अधिक है

    कृपया ध्यान दें कि आई.टी.आर.-4 (सुगम) अनिवार्य नहीं है। यह निर्धारिती द्वारा अपने विकल्प पर उपयोग किया जाने वाला एक सरल विवरणी फॉर्म है, यदि वह प्रकल्पित आधार पर कारोबार और व्यवसाय से लाभ और अभिलाभ की घोषणा करने के लिए धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत पात्र है तो।

     

     

    लागू होने वाले फॉर्म

    1.फॉर्म 15H - कर की कटौती के बिना कुछ प्राप्तियों का दावा करने वाले व्यक्ति (जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु का है) द्वारा की जाने वाली घोषणा

    के द्वारा प्रस्तुत

    फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    एक निवासी व्यक्ति, 60 या अधिक आयु का, ब्याज आय पर टी.डी.एस. की कटौती न करने के लिए, बैंक को लिखित में निवेदन कर सकता है वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय

     

    2. फॉर्म 12BB - कर की कटौती के लिए कर्मचारी द्वारा किए गये दावों की विशिष्टियां (धारा 192 के तहत)
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा
    अपने नियोक्ता(ओं) के लिए कर्मचारी स्रोत पर काटे जाने वाले कर (टी.डी.एस.) की गणना के उद्देश्य से एच.आर.ए., एल.टी.सी., उधार ली गई पूंजी पर ब्याज की कटौती, कर बचत के दावे/कटौती के साक्ष्य या विवरण।

     

    3. फॉर्म 16 - वेतन स्रोत पर काटे गए कर का ब्यौरा (आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के तहत प्रमाण पत्र)
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई

    फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    अपने नियोक्ता(ओं) के लिए कर्मचारी देय/प्रतिदाय योग्य कर की संगणना के उद्देश्य से भुगतान किया गया वेतन, कटौती/छूट और स्रोत पर कर कटौती।

     

    4. फॉर्म 16A – वेतन के अलावा टी.डी.एस. के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के तहत का प्रमाण पत्र
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा
    कटौतीकर्ता से डिडक्टर फॉर्म 16A, स्रोत पर काटे गए कर (टी.डी.एस.) का प्रमाण पत्र है, जो त्रैमासिक जारी किया जाता है जो टी.डी.एस. की राशि, भुगतान की प्रकृति और आयकर विभाग के साथ जमा टी.डी.एस. भुगतान की राशि को दर्शाता है।

     

    5. फ़ॉर्म 26AS
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    आयकर विभाग (यह ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है:

    लॉगइन > ई-फ़ाइल> आयकर विवरणी > फ़ॉर्म 26AS देखें)
    • स्रोत पर काटा गया /एकत्र किया गया कर

    टिप्पणी: (अग्रिम कर/एस.ए.टी., प्रतिदाय का ब्यौरा, एस.एफ.टी. लेन-देन, धारा 194 IA,194 IB,194M, टी.डी.एस. डिफॉल्ट के तहत टी.डी.एस.) के संबंध में जानकारी जो 26AS में उपलब्ध थी, अब नीचे उल्लिखित ए.आई.एस. में उपलब्ध होगी।

     

    6. ए.आई.एस.- वार्षिक जानकारी विवरण
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    आयकर विभाग (आयकर ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर लॉगइन करने के बाद इसे एक्सेस किया जा सकता है)

    ए.आई.एस. को एक्सेस करने का पाथ : ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर जाएँ>लॉगइन>ए.आई.एस.

    • स्रोत पर कर कटौती/ एकत्र किया गया
    • एस.एफ.टी. सूचना
    • करों का भुगतान
    • माँग/ प्रतिदाय
    • अन्य जानकारी (जैसे; लंबित/पूर्ण कार्यवाही, जी.एस.टी. जानकारी, विदेशी सरकार से प्राप्त जानकारी आदि

     

    7. फॉर्म 10E- जब वेतन का बकाया या अग्रिम भुगतान किया जाता है, तब धारा 89(1) के तहत राहत का दावा करने हेतु आय का विवरण प्रस्तुत करने के लिए फॉर्म
    द्वारा उपलब्ध करवाई गई फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा
    आयकर विभाग का एक कर्मचारी
    • बकाया / अग्रिम वेतन
    • उपदान
    • समापन पर क्षतिपूर्ति
    • पेंशन का कॅम्युटेशन

     

    8. फॉर्म 67 - विदेश से या भारत से बाहर निर्दिष्ट किसी क्षेत्र से आय का विवरण-पत्र और विदेशी कर क्रेडिट
    के द्वारा प्रस्तुत फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा
    करदाता भारत से बाहर किसी देश या निर्दिष्ट राज्य क्षेत्र से आय और विदेशी कर जमा का दावा किया गया

     

    9.फॉर्म 3CB-3CD
    के द्वारा प्रस्तुत

    फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    करदाता जिसे धारा 44AB के तहत अपने खातों का लेखाकार द्वारा लेखा परीक्षा करवाना आवश्यक है।

    धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए नियत तिथि से एक महीने पहले प्रस्तुत किया जाना है।

     

    आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AB के तहत खातों की लेखापरीक्षा रिपोर्ट और विवरणों को प्रस्तुत करना आवश्यक है।

     

    10. फॉर्म 3CEB
    के द्वारा प्रस्तुत

    फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

    करदाता जो अंतरराष्ट्रीय लेन-देन या विनिर्दिष्ट घरेलू लेन-देन में प्रवेश करने के लिए धारा 92E के तहत लेखापाल से एक रिपोर्ट प्राप्त करना आवश्यक है।

    धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत आय की विवरणी प्रस्तुत करने के लिए नियत तिथि से एक महीने पहले प्रस्तुत किया जाना है।
    अंतरराष्ट्रीय लेन-देन या विनिर्दिष्ट घरेलू लेन-देन से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 92E के तहत लेखा-परीक्षा रिपोर्ट।

     

    निर्धारण वर्ष 2024-25 के लिए कर स्लैब

    वित्त अधिनियम 2023 ने निर्धारण वर्ष 2024-25 से प्रभावी धारा 115BAC के प्रावधानों में संशोधन किया है ताकि नई कर व्यवस्था को व्यक्ति, एच.यू.एफ., ए.ओ.पी. (सहकारी समिति नहीं होने के नाते), बी.ओ.आई. या कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के रूप में निर्धारिती के लिए डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बनाया जा सके। हालांकि, पात्र करदाताओं के पास नई कर व्यवस्था से बाहर निकलने और पुरानी कर व्यवस्था के तहत कर लगाए जाने का विकल्प चुनने का विकल्प है। पुरानी कर व्यवस्था आयकर गणना और स्लैब की उस प्रणाली को संदर्भित करती है जो नई कर व्यवस्था की शुरुआत से पहले मौजूद थी। पुरानी कर व्यवस्था में, आप करदाताओं के पास विभिन्न कर कटौती और छूट का दावा करने का विकल्प होता है।

    "गैर-व्यावसायिक मामलों" के मामले में, व्यवस्था चुनने का विकल्प हर साल सीधे आई.टी.आर. में धारा 139(1) के तहत निर्दिष्ट नियत तिथि को या उससे पहले इस्तेमाल किया जा सकता है।

    यदि पात्र करदाता जिनकी कारोबार या व्यवसाय से आय है और वे नई कर व्यवस्था से बाहर निकलना चाहते हैं, तो निर्धारिती को आयकर विवरणी फ़ाइल करने के लिए धारा 139(1) के तहत नियत तिथि को या उससे पहले फ़ॉर्म 10-IEA भरना होगा। साथ ही, ऐसे विकल्प को वापस लेने के उद्देश्य से यानी पुरानी कर व्यवस्था से बाहर निकलने का विकल्प भी फ़ॉर्म संख्या.10-IEA प्रस्तुत करके किया जाएगा।

    हालाँकि, कारोबार और व्यवसाय से आय वाले पात्र करदाताओं के मामले में पुरानी कर व्यवस्था में स्विच करने और किसी भी तत्पश्चात निर्धारण वर्ष में विकल्प वापस लेने का विकल्प जीवनकाल में केवल एक बार उपलब्ध है।

    group2248

    पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम आयु वाले व्यक्तियों (निवासी या अनिवासी) के लिए कर की दरें निम्नानुसार हैं:

    पुरानी कर व्यवस्था धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था
    आयकर स्लैब आयकर दर आयकर स्लैब आयकर दर
    ₹ 3,00,000 तक शून्य ₹ तक
    3,00,000
    शून्य
    ₹ 3,00,001 - ₹ 5,00,000 ₹3,00,000 से अधिक 5% ₹ 3,00,001 - ₹
    6,00,000
    ₹3,00,000 से अधिक 5%
    ₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000 ₹10,000 + ₹5,00,000 से अधिक पर 20% ₹ 6,00,001 - ₹
    9,00,000
    ₹ 15,000 + 10% ₹ से अधिक
    6,00,000
    ₹10,00,000 से अधिक ₹1,10,000 + ₹10,00,000 से अधिक पर 30% ₹ 9,00,001 - ₹
    12,00,000
    ₹ 45,000 + 15% ₹ से अधिक
    9,00,000
        ₹ 12,00,001 - ₹
    15,00,000
    ₹ 90,000 + 20% ₹ से अधिक
    12,00,000
        ₹15,00,000 से अधिक ₹ 1,50,000 + 30% ₹ से अधिक
    15,00,000

     

    group2248

    पूर्व वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष से कम आयु के व्यक्ति (निवासी या अनिवासी) के लिए कर दरें निम्नानुसार हैं:

    पुरानी कर व्यवस्था धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था
    आयकर स्लैब आयकर दर आयकर स्लैब आयकर दर
    ₹ 5,00,000 तक शून्य ₹ 3,00,000 तक शून्य
    ₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000 ₹5,00,000 से अधिक 20% ₹ 3,00,001 - ₹
    6,00,000
    ₹3,00,000 से अधिक 5%
    ₹ 10,00,000 से अधिक ₹1,00,000 + ₹10,00,000 से अधिक पर 30% ₹ 6,00,001 - ₹
    9,00,000₹
    ₹ 15,000 + 10% ₹ से अधिक
    6,00,000
        ₹ 9,00,001 - ₹
    12,00,000
    ₹ 45,000 + 15% ₹ से अधिक
    9,00,000
        ₹ 12,00,001 - ₹
    15,00,000
    ₹ 90,000 + 20% ₹ से अधिक
    12,00,000
        ₹15,00,000 से अधिक ₹ 1,50,000 + 30% ₹ से अधिक
    15,00,000

     

    जानकारी

    ध्यान दें:

    1. कर व्यवस्थाओं के तहत अधिभार की दरें निम्नानुसार हैं:

    कुल आय पुरानी कर व्यवस्था नई कर व्यवस्था
    लागू अधिभार दर
    50 लाख रुपये तक शून्य शून्य
    50 लाख रुपये से अधिक और 1 करोड़ रुपये तक 10% 10%
    1 करोड़ रुपए से अधिक और 2 करोड़ रुपए तक 15% 15%
    2 करोड़ रुपए से अधिक और 5 करोड़ रुपए तक 25% 25%
    5 करोड़ रुपये से अधिक 37% 25%

    टिप्पणी: धारा 111A, 112, 112A और लाभांश आय के तहत कर प्रभार्य आय पर, जैसा भी मामला हो, 25% और 37% का बढ़ा हुआ अधिभार नहीं लगाया जाता है। इसलिए, ऐसी आय पर देय कर पर अधिभार की अधिकतम दर 15% होगी, सिवाय इसके कि जब आय धारा 115A, 115AB, 115AC, 115ACA और 115E के तहत कराधेय हो।

    2. धारा 87A के तहत छूट: निवासी व्यक्ति निम्नानुसार कर व्यवस्था के आधार पर अधिकतम सीमा के अधीन आयकर में 100% तक की छूट के लिए भी पात्र हैं:

    कुल आय पुरानी कर व्यवस्था नई कर व्यवस्था
    धारा 87A के तहत छूट लागू
    5 लाख रुपये तक

    निवासी व्यक्तियों के लिए 12,500 रुपये तक की कर छूट लागू होती है यदि कुल आय 5,00,000 रुपये से अधिक नहीं है (एन.आर.आई. के लिए लागू नहीं है

    निवासी व्यक्तियों के लिए 25,000 रुपये तक की कर छूट लागू होती है यदि कुल आय 7,00,000 रुपये से अधिक नहीं है (एन.आर.आई. के लिए लागू नहीं है

    5 लाख से 7 लाख तक शून्य

    3. दोनों ही व्यवस्थाओं में स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर की दर समान रहती है।

     

    अधिभार, सीमांत राहत और स्वास्थ्य एवं शिक्षा उपकर

    घटक 389
    अधिभार क्या है?

    अधिभार निर्दिष्ट सीमा से अधिक आय अर्जित करने वाले व्यक्तियों के लिए लगाया जाने वाला एक अतिरिक्त प्रभार है, यह लागू दरों के अनुसार संगणित आयकर की राशि पर लगाया जाता है। अधिभार की दरों के लिए, ऊपर दी गई तालिका देखें।

    सीमांत राहत क्या है?
    सीमांत राहत, अधिभार से राहत है, उन मामलों में उपबंध की गई है जहाँ देय अधिभार, उस अतिरिक्त आय से अधिक हो, जो व्यक्ति को अधिभार के लिए उत्तरदायी बनता है। अधिभार के रूप में देय राशि क्रमशः ₹ 50 लाख, ₹ 1 करोड़, ₹ 2 करोड़ या ₹ 5 करोड़ से अधिक अर्जित आय की राशि से अधिक नहीं होगी:
    शुद्ध आय रेंज सीमांत राहत
    (रुपये) से अधिक

    (रुपये) से अधिक नहीं है

     
    50 लाख 1 करोड़ आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि 50 लाख रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से अधिक नहीं होगी, जो कि 50 लाख रुपये से अधिक की आय से अधिक है।
    1 करोड़ 2 करोड़ आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि 1 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से 1 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक नहीं होगी
    2 करोड़ 5 करोड़ आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि 2 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से 2 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक नहीं होगी
    5 करोड़ - आयकर और अधिभार के रूप में देय राशि 5 करोड़ रुपये की कुल आय पर आयकर के रूप में देय कुल राशि से 5 करोड़ रुपये से अधिक की आय से अधिक नहीं होगी।
    स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर क्या है?
    स्वास्थ्य व शिक्षा उपकर @ 4% की दर से आयकर की राशि और अधिभार (यदि कोई हो) पर भी सन्दत्त किया जाएगा

     

     

    निवेश / भुगतान / आय जिस पर मुझे कर लाभ मिल सकता है

    अनुभाग 24(b) – आवास ऋण और आवास सुधार ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज की गृह सम्पत्ति से प्राप्त आय से कटौती। स्व-अध्यासित सम्पत्ति के मामले में, आवास ऋण पर सन्दत्त की गई ब्याज की कटौती की ऊपरी सीमा 2 लाख रुपए है। हालांकि, यह कटौती नई कर व्यवस्था को चुनने वाले व्यक्ति के लिए उपलब्ध नहीं है।

    धारा 24(b) के तहत ऋण पर स्वीकार्य ब्याज को नीचे तालिकाबद्ध किया गया है:

    सम्पत्ति की प्रकृति ऋण कब लिया गया था ऋण लेने का प्रयोजन स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)
    स्व-अध्यासित 01/04/1999 को या उसके बाद गृह संपत्ति का निर्माण या क्रय ₹ 2,00,000
    01/04/1999 को या उसके बाद गृह सम्पत्ति की मरम्मत के लिए ₹ 30,000
    01/04/1999 से पहले गृह संपत्ति का निर्माण या क्रय ₹ 30,000
    01/04/1999 से पहले गृह सम्पत्ति की मरम्मत के लिए ₹ 30,000
    किराए पर दिया किसी भी समय गृह संपत्ति का निर्माण या क्रय बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य

     

    आयकर अधिनियम के अध्याय VI-A के अंतर्गत निर्दिष्ट कर कटौतियां

    ये कटौतियां उन करदाताओं के लिए उपलब्ध नहीं होंगी जो धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था का विकल्प चुनते हैं, केवल धारा 80CCD(2) के तहत कटौती को छोड़कर, जो नई कर व्यवस्था के अंतर्गत भी अनुज्ञेय होगी।

    80C, 80CCC, 80CCD (1)

    इन को किए गए भुगतानों के लिए कटौती

    80C
    • जीवन बीमा प्रीमियम
    • भविष्य निधि
    • कुछ इक्विटी शेयरों के लिए अभिदान
    • ट्यूशन फीस
    • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र
    • आवास ऋण मूल
    • अन्य विभिन्न मद
    80CCC

    पेंशन योजना के लिए एलआईसी या अन्य बीमाकर्ता की वार्षिकी योजना

    80CCD (1)
    केंद्रीय सरकार की पेंशन योजना
    समूह ₹ 1,50,000 की संयुक्त कटौती सीमा

     

    80CCD(1B)
    80CCD (1) के तहत दावा की गई कटौती को छोड़कर, केंद्रीय सरकार की पेंशन योजना में किए गए भुगतान के लिए कटौती।
    समूह ₹ 50,000 की कटौती सीमा

     

    80CCD (2)

    केंद्रीय सरकार की पेंशन योजना में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की कटौती

    यदि नियोक्ता एक पी.एस.यू., राज्य सरकार या अन्य है

    समूह
    वेतन की 10% की कटौती सीमा
    यदि नियोक्ता केंद्रीय सरकार है
    समूह
    वेतन की 14% की कटौती सीमा

     

    80D

    स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और निवारक स्वास्थ्य की जांच-पड़ताल करने के लिए किए गए भुगतान के लिए कटौती

    स्वयं/पति या पत्नी या आश्रित बच्चों के लिए

    समूह
    यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो 50,000 रुपए
    निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ₹ 5,000 , उपर्युक्त सीमा में शामिल है
    माता-पिता के लिए
    समूह
    यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो 50,000 रुपए
    निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ₹ 5,000 , उपर्युक्त सीमा में शामिल है

     

    वरिष्ठ नागरिक पर उपगत चिकित्सा सम्बन्धी व्यय के लिए कटौती, यदि स्वास्थ्य बीमा कवरेज पर किसी प्रीमियम का भुगतान नहीं किया गया है

    स्वयं/पति या पत्नी या आश्रित बच्चों के लिए
    समूह कटौती की सीमा ₹ 50,000 है।
    माता-पिता के लिए
    समूह कटौती की सीमा ₹ 50,000 है।

     

    80DD
    विकलांग आश्रित के भरण-पोषण या चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतान या प्रासंगिक अनुमोदित योजना के तहत किसी भी राशि का भुगतान/जमा की गई कटौती।
    समूह
    स्थिर कटौती
    शारीरिक रूप से दिव्यांगता वाले व्यक्ति के लिए 75,000 रुपए उपलब्ध है, चाहे खर्च नही किया हो
    कटौती
    1,25,000 रुपए यदि व्यक्ति को गंभीर (80 % या उससे अधिक) दिव्यांगता है

    टिप्पणी: यदि करदाता कटौती 80D का दावा कर रहा है तो विवरणी फ़ाइल करने से पहले फ़ॉर्म 10-IA भी फ़ाइल करने की सिफारिश की जाती है। फ़ॉर्म 10IA बाद में भी फ़ाइल किया जा सकता है, हालाँकि बाद में किसी भी असुविधा से बचने के लिए आयकर विवरणी के साथ फ़ॉर्म 10-IA फ़ाइल करने की सिफारिश की जाती है।

    80DDB
    निर्दिष्ट बीमारी के लिए स्वयं या आश्रित के चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतान के लिए कटौती।
    समूह कटौती सीमा
    ₹ 40,000
    ( यदि वरिष्ठ नागरिक हैँ तो 1,00,000 रुपए)

     

    80E
    स्वयं या रिश्तेदार की उच्च शिक्षा के लिए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान पर कटौती।
    समूह लिए गए ऋण पर ब्याज के लिए भुगतान की गई कुल राशि

     

    80EE
    आवासीय गृह संपत्ति के अधिग्रहण के लिए लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के प्रति कटौती जहां ऋण 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत किया गया है।
    समूह कटौती सीमा
    ₹ 50,000
    लिए गए ऋण पर भुगतान की जाने वाले ब्याज पर

     

    80EEA
    पहली बार आवासीय गृह संपत्ति के अधिग्रहण के लिए लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के लिए कटौती जहां ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत किया गया है और कटौती का दावा धारा 80EE के तहत नहीं किया जाना चाहिए था
    समूह कटौती सीमा
    ₹ 1,50,000
    लिए गए ऋण पर भुगतान की जाने वाले ब्याज पर

     

    80EEB
    इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद के लिए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के प्रति कटौती जहां ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच स्वीकृत किया गया है।
    समूह कटौती सीमा
    ₹ 1,50,000
    लिए गए ऋण पर भुगतान की जाने वाले ब्याज पर

     

    80G

    कुछ निधियों, धर्मार्थ संस्थाओं, आदि को किए गए दान के प्रति कटौती।

    दान निम्न श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के लिए पात्र हैं:

    बिना किसी सीमा के
    समूह
    100% कटौती
    50% कटौती
    योग्यता सीमा के अधीन रहते हुए
    समूह
    100% कटौती
    50% कटौती

     

     

    80GG

    घर के लिए भुगतान किए गए किराए के लिए कटौती, और केवल उन लोगों के लिए लागू जिनके लिए एच.आर.ए. वेतन का हिस्सा नहीं है।

    निम्नलिखित में से सबसे कम को कटौती के रूप में अनुमति दी जाएगी:

    इस कटौती से पहले भुगतान किए गए किराए में से कुल आय के 10% से घटा कर ₹ 5,000 प्रति माह इस कटौती से पहले कुल आय का 25%

    ध्यान दें: इस कटौती का दावा करने के लिये फॉर्म 10BA दाखिल किया जाना चाहिये

     

    80GGA

    वैज्ञानिक अनुसंधान या ग्रामीण विकास के लिए किए गए दान के लिए कटौती

    दान निम्न श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के लिए पात्र हैं:

    अनुसंधान संबंध या विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था के लिए
    • वैज्ञानिक अनुसंधान
    • सामाजिक विज्ञान या सांख्यिकीय अनुसंधान
    संबंध या संस्था के लिए
    • ग्रामीण विकास
    • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण अथवा वनरोपण
    सार्वजनिक प्राधिकरण या स्थानीय प्राधिकारी या संबंध या संस्था जो राष्ट्रीय समिति द्वारा किसी पात्र परियोजना को स्वीकृत करने वाले के नाम के लिए अनुमोदित की गई हो
    केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित निधि
    • वन - रोपण
    • ग्रामीण विकास
    केंद्रीय सरकार द्वारा स्थापित और अधिसूचित की गई राष्ट्रीय शहरी गरीबी उन्मूलन निधि

    ध्यान दें: 2000/- से अधिक नकदी में किए गए दान के संबंध में इस अनुभाग के अंतर्गत कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी या यदि सकल कुल आय में मुनाफ़ा / कारोबार / व्यवसाय से अभिलाभ शामिल है

     

    80GGC
    राजनीतिक पक्षकार या चुनावी न्यास को किए गए दान के लिए कटौती
    समूह नकद के अलावा किसी अन्य ढंग से भुगतान की गई कुल राशि की कटौती

     

    80TTB
    निवासी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा जमा पर प्राप्त ब्याज पर कटौती
    समूह कटौती सीमा
    ₹ 50,000

     

    80U
    दिव्यांग व्यक्ति करदाता के लिए कटौतियाँ
    समूह
    स्थिर ₹ 75,000 की कटौती दिव्यांग व्यक्ति के लिए चाहे खर्चे हुए हो या नहीं
    स्थिर ₹ 1,25,000 की कटौती गंभीर दिव्यांगता ( 80 % या उससे अधिक ), वाले व्यक्ति के लिए चाहे खर्चे हुए हो या नहीं

    टिप्पणी: यदि करदाता धारा 80U के तहत कटौती का दावा कर रहा है तो विवरणी फ़ाइल करने से पहले फ़ॉर्म 10-IA भी फ़ाइल करने की सिफारिश की जाती है। फ़ॉर्म 10IA बाद में भी फ़ाइल किया जा सकता है, हालाँकि बाद में किसी भी असुविधा से बचने के लिए आयकर विवरणी के साथ फ़ॉर्म 10-IA फ़ाइल करने की सिफारिश की जाती है।

    करदाता की आयु की परवाह किए बिना लागू कर लाभों के साथ साथ, वरिष्ठ/अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ अन्‍य बढ़े हुए / अतिरिक्त लाभ हैं। अतिरिक्त लाभों को नीचे सूचीबद्ध किया गया है:

    आयकर विवरणी का कागजी दाखिला

    अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष या उससे अधिक आयु) के पास फॉर्म 1 या 4 का उपयोग करके ऑफ़लाइन / पेपर ढंग में अपना आई.टी.आर. जमा करने का विकल्प है। उनके लिए ई-फ़ाईलिंग का विकल्प भी उपलब्ध है।

    अग्रिम कर भुगतान से राहत

    अनुभाग 208 के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति, जिसकी वर्ष के लिए अनुमानित कर दायित्व 10,000 रुपए या उससे अधिक है, अपने कर का भुगतान अग्रिम कर के रूप में करेगा।लेकिन, अनुभाग 207 निवासी वरिष्ठ नागरिक को अग्रिम कर के भुगतान से राहत प्रदान करता है। इस प्रकार, कोई निवासी वरिष्ठ नागरिक, जिसके पास कारोबार या व्यवसाय से कोई आय नहीं है, अग्रिम कर अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं है।

    बैंक जमा के ब्याज पर आयकर कटौती

    आयकर अधिनियम के अनुभाग 80TTB बैंकों, डाक कार्यालय या सहकारी बैंकों में जमा खातों से अर्जित ब्याज पर कर लाभ की अनुमति देता है। वरिष्ठ नागरिक द्वारा अर्जित 50,000 रुपए तक की अधिकतम ब्याज आय के लिए कटौती की अनुमति है। इस उपबंध के अंतर्गत बचत जमा और सावधि जमा पर अर्जित ब्याज कटौती का पात्र है।

    इसके अलावा, आयकर अधिनियम की धारा 194A के तहत, बैंक, डाकघर या सहकारी बैंक द्वारा एक वरिष्ठ नागरिक को 50,000 रुपए तक के ब्याज का भुगतान बिना स्रोत पर (TDS) कोई कर काटे किया जाता है। इस सीमा की संगणना प्रत्येक बैंक के लिए व्यक्तिगत रूप से की जानी है।

    चिकित्सा सम्बन्धी बीमा और व्यय के संबंध में कर लाभ

    आयकर अधिनियम के अनुभाग 80D के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक चिकित्सा सम्बन्धी बीमा नीति के लिए प्रीमियम का भुगतान करने के लिए 50,000 रुपए तक की उच्चतर कटौती प्राप्त कर सकते हैं। गैर-वरिष्ठ नागरिकों के मामले में सीमा 25,000 रुपए है।

    इसके अलावा आयकर अधिनियम के अनुभाग 80DDB के अनुसार विशिष्ट बीमारियों के उपचार के लिए स्वयं या आश्रित व्यक्ति द्वारा उपगत व्यय पर कर कटौती की अनुमति दी जाती है। किसी वरिष्ठ नागरिक के मामले में अधिकतम कटौती राशि 1 लाख रुपए है (गैर-वरिष्ठ नागरिक करदाताओं के लिए 40,000 रुपए है)।

    पृष्ठ की अंतिम बार समीक्षा की गई या अपडेट किया गया: 08-मई-2024