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निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए वरिष्ठ नागरिक और अति वरिष्ठ नागरिक के लिए लागू विवरणी और फ़ॉर्म

निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए वरिष्ठ नागरिकों और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए लागू विवरणी और फॉर्म

अस्वीकरण: इस पृष्ठ पर उपलब्ध सामग्री केवल एक केवल एक अवलोकन और सामान्य मार्गदर्शन देने के लिए है और यह संपूर्ण नहीं है।

 

कृपया पूर्ण विवरण और दिशा-निर्देशों के लिए, आयकर अधिनियम, 1961, फॉर्म, नियम और अधिसूचनाएँ देखें।

 

एक व्यक्ति जो भारत का निवासी है, तथा जिसकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक हो, परंतु 80 वर्ष से कम हो, वह आयकर प्रयोजनों के लिए वरिष्ठ नागरिक माना जाता है। अति-वरिष्ठ नागरिक वह व्यक्ति (निवासी) होता है, जिसकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक हो।

 

आईटीआर-1 (सहज) – केवल व्यक्तिगत उपयोग के लिए लागू

 

यह विवरणी निवासी ( साधारणतया निवासी नहीं के अलावा) उस व्यक्ति के लिए लागू होता है, जिसकी कुल आय निम्नलिखित स्रोतों से ₹ 50 लाख तक है।

वेतन / पेंशन

एक गृह संपत्ति

अन्य स्रोत (ब्याज, परिवार की पेंशन, लाभांश आदि)

₹ 5,000 तक की कृषि-आय

धारा 112A के अंतर्गत ₹ 1,25,000 तक का पूंजीगत लाभ

 

नोट: आई.टी.आर.-1 का उपयोग निम्नलिखित व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता है:

(a) किसी कंपनी में निदेशक है

(b) अल्पकालिक पूँजी अभिलाभ है

(c) धारा 112A (आयकर अधिनियम, 1961) के अंतर्गत दीर्घकालिक पूँजी अभिलाभ है जो ₹ 1.25 लाख से अधिक है

(d) पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय उसके पास कोई असूचीबद्ध इक्विटी शेयर रहा हो

(e) जिसके पास भारत के बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी इकाई में वित्तीय हित सहित) है

(f) भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते पर हस्ताक्षर करने का अधिकार (साइनिंग अथॉरिटी) उसके पास है

(g) भारत के बाहर किसी भी स्रोत से उसकी आय है

(h) वह व्यक्ति है जिसके मामले में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194N के अंतर्गत कर काटा गया है

(i) वह व्यक्ति है जिसके मामले में ईएसओपी (ESOP) पर कर का भुगतान या कटौती स्थगित (deferred) की गई है

(j) उसकी कुल आय ₹ 50 लाख से अधिक है

 

 

आई.टी.आर-2 - व्यक्ति (जो आई.टी.आर-1 के लिए पात्र नहीं है) और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू

 

यह विवरणी व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू है।

जिसके पास व्यवसाय या पेशे से लाभ या लाभांश शीर्षक के अंतर्गत आय नहीं है

वह व्यक्ति जो आईटीआर-1 दाखिल करने के लिए पात्र नहीं है

 

 

 

आई.टी.आर.-3 - व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू

 

यह विवरणी व्यक्ति और हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के लिए लागू है।

जिसके पास व्यवसाय या पेशे से लाभ या लाभांश शीर्षक के अंतर्गत आय हो

जो आई.टी.आर.-1, आई.टी.आर.-2 या आई.टी.आर.-4 दाखिल करने के लिए पात्र नहीं है

 

 

4. आई.टी.आर.- 4 (सुगम) - व्यक्ति, एच.यू.एफ. और फर्म (एल.एल.पी. के अलावा) के लिए लागू

 

यह विवरणी एक व्यक्ति या हिन्दु अविभाजित परिवार (एच.यू.एफ.) के लिए लागू होता है, जो साधारणतया निवासी के अलावा अन्य निवासी नहीं है या एक फर्म (एल.एल.पी. के अलावा) जो एक निवासी है जो ₹ 50 लाख तक की कुल आय वाला है और जिसकी आय कारोबार और व्यवसाय से है जो की निम्नलिखित स्रोतों से किसी भी प्रकल्पित आधार और आय पर संगणित की जाती है:

वेतन/ पेंशन

एक गृह संपत्ति

अन्य स्रोत (ब्याज, परिवार की पेंशन, लाभांश आदि)

₹ 5,000 तक की कृषि-आय

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD / 44ADA / 44AE के तहत अनुमानित आधार पर गणना की गई व्यवसाय / पेशे से आय

धारा 112A (आयकर अधिनियम, 1961) के अंतर्गत ₹ 125000 तक का पूंजीगत लाभ

 

नोट:1 आई.टी.आर.-4 का उपयोग ऐसे व्यक्ति द्वारा नहीं किया जा सकता है जो:

(a) किसी कंपनी में निदेशक है

(b) जिसे अल्पकालिक पूंजी लाभ है

(c) जिसे धारा 112A (आयकर अधिनियम, 1961) के अंतर्गत ₹ 1.25 लाख से अधिक दीर्घकालिक पूँजी अभिलाभ है

(d) जिसके पास पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय कोई गैर-सूचीबद्ध इक्विटी शेयर रहा हो

(e) जिसके पास भारत के बाहर स्थित कोई भी संपत्ति (किसी भी इकाई में वित्तीय हित सहित) है

(f) जिसके पास भारत के बाहर स्थित किसी भी खाते पर हस्ताक्षर करने का अधिकार है

(g) जिसकी भारत के बाहर किसी भी स्रोत से आय है

(h) जिसके प्रकरण में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194N के अंतर्गत कर काटा गया है

(i) जिसके प्रकरण में ईएसओपी (ESOP) पर कर का भुगतान या कटौती स्थगित (deferred) की गई है

(j) जिसकी कुल आय ₹ 50 लाख से अधिक है

 

नोट: 2  

आई.टी.आर. -4 (सुगम) अनिवार्य नहीं है। यह एक सरल विवरणी है जिसे एक करदाता अपनी इच्छा अनुसार उपयोग कर सकता है, यदि वह कर अधिनियम, 1961 की धारा 44AD, 44ADA या 44AE के तहत अनुमानीय आधार पर व्यवसाय और पेशे से लाभ और कमाई घोषित करने के योग्य है।

 

नोट:

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194P, 75 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयकर विवरणी दाखिल करने से छूट देने के लिए शर्तें प्रदान करती है।

छूट की शर्तें हैं:

  • वरिष्ठ नागरिक की आयु 75 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए
  • वरिष्ठ नागरिक पिछले वर्ष में 'निवासी' होना चाहिए
  • वरिष्ठ नागरिक के पास केवल पेंशन आय और ब्याज आय है और वह ब्याज आय उसी निर्दिष्ट बैंक से अर्जित/उपार्जित होती है जिसमें वह अपनी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं
  • वरिष्ठ नागरिक निर्दिष्ट बैंक को एक घोषणा प्रस्तुत करेगा।
  • बैंक एक 'निर्दिष्ट बैंक' है जैसा कि केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित किया गया है। ऐसे बैंक वरिष्ठ नागरिकों के टीडीएस कटौती के लिए जिम्मेदार होंगे, जो कि आयकर अधिनियम, 1961 के अध्याय VI-A के तहत कटौतियों और धारा 87A के तहत रियायत को ध्यान में रखते हुए की जाएगी।
  • चूँकि ऊपर उल्लिखित बैंक 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए कर की कटौती करता है, इसलिए वरिष्ठ नागरिकों को आयकर रिटर्न जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

 

 

आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार लागू फ़ॉर्म

1. फ़ॉर्म 15H - एक व्यक्ति (जिसकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक है) द्वारा कर कटौती के बिना कुछ प्राप्तियों का दावा करने के लिए की जाने वाली घोषणा

 

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

एक निवासी व्यक्ति, जिसकी आयु 60 वर्ष या उससे अधिक हो, द्वारा बैंक को ब्याज आय पर टी.डी.एस. न काटने हेतु

वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित आय

 

 

2. Form 12BB - एक कर्मचारी द्वारा कर कटौती के लिए दावों का विवरण (आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 के अंतर्गत)

 

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

अपने नियोक्ता(ओं) के लिए कर्मचारी

स्रोत पर कटौती किए जाने वाले कर (टी.डी.एस.) की गणना के प्रयोजन के लिए एच.आर.ए., एल.टी.सी., उधार ली गई पूँजी पर ब्याज की कटौती, कर बचत के दावों/कटौतियों के साक्ष्य या दस्तावेज़

 

 

 

3. फ़ॉर्म 16 - वेतन पर स्रोत पर कटौती योग्य कर (टीडीएस) का ब्यौरा (आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के अंतर्गत प्रमाणपत्र)

 

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

नियोक्ता द्वारा कर्मचारी को

देय कर / प्रतीदाय की गणना के उद्देश्य से वेतन भुगतान, स्रोत पर कटौती / छूट और कर कटौती की गणना के उद्देश्य से।

 

 

4. फॉर्म 16A - वेतन के अलावा अन्य आय पर टी.डी.एस. के लिए आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 के तहत प्रमाणपत्र

 

द्वारा उपलब्ध करवाई गई

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

कटौतीकर्ता से डिडक्टी (कटौती-प्राप्तकर्ता) तक

फॉर्म 16A, स्रोत पर काटे गए कर (टी.डी.एस.) का प्रमाण पत्र है, जो त्रैमासिक जारी किया जाता है जो टी.डी.एस. की राशि, भुगतान की प्रकृति और आयकर विभाग के साथ जमा टी.डी.एस. भुगतान की राशि को दर्शाता है।

 

 

 

5. फ़ॉर्म 26 AS - AIS (वार्षिक सूचना विवरण)

 

फ़ॉर्म 26 AS

एआईएस (AIS) (वार्षिक सूचना विवरण)

द्वारा उपलब्ध करवाई गई:

आयकर विभाग (यह ई-फाइलिंग पोर्टल पर उपलब्ध है:

लॉगिन >ई-फ़ाइल >आयकर विवरणी >फ़ॉर्म 26AS देखें)

फ़ॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा:

स्रोत पर कर कटौती / संग्रहण।

द्वारा उपलब्ध करवाई गई:

आयकर विभाग (आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद इसे एक्सेस किया जा सकता है)

ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाएँ > लॉगिन करें > एआईएस (AIS)

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा:

  • स्रोत पर कर कटौती / संग्रहण
  • एसएफटी (SFT) सूचना
  • करों का भुगतान
  • मांग / प्रतिदाय

अन्य सूचना (जैसे लंबित/पूर्ण कार्यवाही, जीएसटी (GST) सूचना, विदेशी सरकार से प्राप्त सूचना आदि)

 

 

6.फ़ॉर्म 10E - वेतन के बकाया या अग्रिम के रूप में भुगतान किए जाने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 89(1) के अंतर्गत राहत का दावा करने के लिए आय का विवरण प्रस्तुत करने हेतु फॉर्म।

 

**करदाता द्वारा धारा 89(1) के अंतर्गत आई.टी.आर. में राहत का दावा करने के लिए प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

आयकर विभाग का एक कर्मचारी

  • बकाया / अग्रिम वेतन
  • उपदान
  • समापन पर क्षतिपूर्ति
  • पेंशन का कॅम्युटेशन

 

 

7. फ़ॉर्म 67 - भारत के बाहर किसी देश या विनिर्दिष्ट क्षेत्र से आय तथा विदेशी कर क्रेडिट (FTC) का विवरण

 

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

करदाता

भारत के बाहर किसी देश या निर्दिष्ट क्षेत्र से दावा की गई आय और विदेशी टैक्स क्रेडिट

 

 

8. फ़ॉर्म 3CB-3CD

 

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

वह करदाता जिसे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AB के तहत अपने खातों का लेखा परीक्षण एक लेखाकार द्वारा कराना आवश्यक है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के तहत आय विवरणी प्रस्तुत करने की नियत तिथि से एक महीने पहले प्रस्तुत किया जाना है

 

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 44AB के तहत खातों की लेखा परीक्षा रिपोर्ट और दस्तावेज़ों का ब्यौरा प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है

 

 

9.फ़ॉर्म 3CEB

 

के द्वारा प्रस्तुत

फॉर्म में प्रदान किया गया ब्यौरा

करदाता जिसे अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन या निर्दिष्ट घरेलू लेन-देन में प्रवेश करने के लिए लेखाकार से धारा 92E (आयकर अधिनियम, 1961) के तहत रिपोर्ट प्राप्त करने की आवश्यकता है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत आय विवरणी पेश करने की नियत तिथि से एक महीने पहले प्रदान किया जाना।

अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन और निर्दिष्ट घरेलू लेनदेन से संबंधित आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 92E के अंतर्गत लेखापरीक्षा रिपोर्ट।

 

 

निर्धारण वर्ष 2026-27 के लिए कर स्लैब***

  • नई कर व्यवस्था बनाम पुरानी कर व्यवस्था:
  • वित्त अधिनियम, 2023 ने निर्धारण वर्ष 2024-25 से प्रभावी धारा 115BAC के प्रावधानों में संशोधन किया है, ताकि व्यक्ति, HUF, AOP (सहकारी समितियों को छोड़कर), BOI या कृत्रिम विधिक व्यक्ति के रूप में निर्धारिती के लिए नई कर व्यवस्था को डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था बनाया जा सके। हालांकि, पात्र करदाता नई कर व्यवस्था से बाहर निकलने और पुरानी कर व्यवस्था के तहत कराधान का विकल्प चुन सकते हैं। पुरानी कर व्यवस्था उस आयकर गणना प्रणाली और स्लैब को संदर्भित करती है जो नई कर व्यवस्था लागू होने से पहले मौजूद थी। पुरानी कर व्यवस्था में, करदाताओं के पास विभिन्न कर कटौतियों और छूटों का दावा करने का विकल्प होता है। हालांकि, डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था में, कर दरें पुरानी कर व्यवस्था की तुलना में होती हैं।

 

गैर-व्यावसायिक मामले:

"गैर-व्यवसाय मामलों" में, कर व्यवस्था का चयन करने का विकल्प प्रत्येक वर्ष सीधे आई.टी.आर. में लगाया जा सकता है, और ऐसा आई.टी.आर. आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के अंतर्गत निर्दिष्ट नियत तिथि या उससे पूर्व दाखिल किया जाना आवश्यक है।

 

व्यवसाय के मामलों:

व्यवसाय और पेशे से आय वाले पात्र करदाताओं के मामले में, यदि करदाता डिफ़ॉल्ट कर प्रणाली से बाहर निकलना चाहता है, तो वे आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि से पहले धारा 139(1) के तहत फ़ॉर्म-10-IEA प्रस्तुत कर सकते हैं। इसके साथ ही, इस विकल्प को वापस लेने के उद्देश्य के लिए यानी नई कर व्यवस्था में पुनः प्रवेश करने के लिए भी फ़ॉर्म नं.10-IEA प्रस्तुत करना होगा। हालांकि, पुरानी कर व्यवस्था को वापस लेने और डिफ़ॉल्ट कर व्यवस्था में पुनः प्रवेश करने का विकल्प केवल आगामी कर वर्ष के लिए उपलब्ध है और यह विकल्प व्यवसाय और पेशे से आय रखने वाले पात्र करदाताओं के लिए जीवन में केवल एक बार ही उपलब्ध है।

 

1. व्यक्ति (निवासी या अनिवासी), जिसकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 60 वर्ष या उससे अधिक हो, परंतु 80 वर्ष से कम हो, के लिए कर दरें निम्नलिखित हैं:

 

पुरानी कर व्यवस्था

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115BAC के तहत नई कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

 

आयकर स्लैब

आयकर दर

 

₹ 3,00,000 तक

शून्य

 

₹ 4,00,000 तक

शून्य

 

₹ 3,00,001 - ₹ 5,00,000**

₹ 3,00,000 से अधिक 5%
 

 

₹ 4,00,001 - ₹ 8,00,000**

₹ 4,00,000 से अधिक 5%

 

₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000

₹ 10,000 + ₹ 5,00,000 से ऊपर 20%

 

₹ 8,00,001 - ₹ 12,00,000

20,000 + ₹ 8,00,000 से अधिक 10%

 

₹ 10,00,000

₹ 1,10,000 + ₹ 10,00,000   से अधिक 30%

 

₹ 12,00,001 - ₹ 16,00,000

₹ 60,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 15%

 

 

 

 

₹ 16,00,001 - ₹ 20,00,000

₹ 1,20,000 + ₹ 16,00,000 से अधिक 20%

 

 

 

 

    ₹ 20,00,001 - ₹ 24,00,000

₹ 2,00,000 + ₹ 20,00,000 से अधिक 25%

 

 

 

 

24,00,000 से ऊपर

₹ 3,00,000 + ₹ 24,00,000 से अधिक 30%

 

 

 

2. व्यक्ति(निवासी या गैर-निवासी) जिनकी आयु पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक है, उनके लिए कर दरें निम्नलिखित हैं:

 

पुरानी कर व्यवस्था

धारा 115BAC के अंतर्गत नई कर व्यवस्था

आयकर स्लैब

आयकर दर

 

आयकर स्लैब

आयकर दर

 

₹ 5,00,000 तक

शून्य

 

₹ 3,00,000 तक

शून्य

 

₹ 5,00,001 - ₹ 10,00,000

₹5,00,000 से अधिक 20%

 

₹ 3,00,001 - ₹ 7,00,000**

₹3,00,000 से अधिक पर 5%

 

₹ 10,00,001- ₹ 50,00,000

₹1,00,000 + ₹10,00,000 से ऊपर 30%

 

₹ 7,00,001 - ₹ 10,00,000

₹ 20,000 + ₹ 7,00,000 से अधिक 10%

 

 

 

 

₹ 10,00,001 - ₹ 12,00,000

₹ 50,000 + ₹ 10,00,000 से अधिक 15%

 

 

 

 

₹ 12,00,001 - ₹ 15,00,000

₹ 80,000 + ₹ 12,00,000 से अधिक 20%

 

 

 

 

 

₹ 15,00,001- ₹ 50,00,000

₹ 1,40,000 + ₹ 15,00,000 से अधिक 30%

 

 

 

 

 

₹ 50,00,001- ₹ 100,00,000

₹ 1,40,000 + ₹15,00,000 से अधिक 30%

 

 

 

 

₹ 100,00,001- ₹ 200,00,000

1,40,000 + ₹15,00,000 से अधिक 30%

 

 

 

 

₹ 200,00,001 से अधिक

₹ 1,40,000 + ₹15,00,000 से अधिक 30%

 

 

*नोट: बढ़ी हुई अधिभार दर 25% और 37%, जैसा कि मामला हो, उन आयों पर नहीं लगाई जाती जो धारा 111A, 112, 112A और लाभांश आय के तहत कर योग्य हैं। इसलिए, ऐसी आयों पर देय कर पर अधिभार की अधिकतम दर 15% होगी, सिवाय जब आय धारा 115A, 115AB, 115AC, 115ACA और 115E के तहत कर योग्य हो।

लागू अधिभार दरें:

      

 

       आय सीमा

  आयकर की राशि पर अधिभार दर

 

        (नई कर व्यवस्था)

आयकर की राशि पर अधिभार दर

 

       (पुरानी कर व्यवस्था)

 

₹50 लाख तक

शून्य

शून्य

रु. 50 लाख से रु. 1 करोड़

10%

10%

रु. 1 करोड़ से रु. 2 करोड़

15%

15%

रु. 2 करोड़ से रु. 5 करोड़

25%

25%

रु. 5 करोड़ से अधिक

25%

37%

 

ध्यान दें: जिन मामलों में लागू हो, बढ़ी हुई अधिभार राशि 25% और 37% उस आय पर नहीं लगाई जाती जो धारा 111A, 112, 112A (आयकर अधिनियम, 1961) और लाभांश आय के तहत कर योग्य है। इसलिए, ऐसी आय पर देय कर पर अधिकतम अधिभार दर 15% होगी, सिवाय इसके कि आय आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 115A, 115AB, 115AC, 115ACA और 115E के तहत कर योग्य हो।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 87A के तहत लागू छूट: निवासी व्यक्ति, कर व्यवस्था के आधार पर, अधिकतम सीमा तक, आयकर का 100% तक रिबेट (छूट) प्राप्त करने के पात्र होते हैं, जो निम्नलिखित है:

 

कर व्यवस्था

छूट सीमा

छूट की शर्त

नई कर व्यवस्था

₹ 60,000

कर योग्य आय ₹ 12,00,000 से अधिक नहीं होगी

पुरानी कर व्यवस्था

₹ 12,500

कर योग्य आय 5,00,000 से अधिक नहीं होगी

***ध्यान दें : स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर @ 4% आयकर की राशि पर और अधिभार (यदि कोई हो) पर दोनों व्यवस्थाओं में देय होगा।

 

 

पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत, यदि अर्जित आय की राशि क्रमशः ₹ 50 लाख, ₹ 1 करोड़, ₹ 2 करोड़ या ₹ 5 करोड़ से अधिक हो, तो अधिभार (सरचार्ज) पर सीमांत राहत (मार्जिनल रिलीफ) का भी दावा किया जा सकता है; तथा यदि अर्जित आय की राशि क्रमशः ₹ 50 लाख, ₹ 1 करोड़, ₹ 2 करोड़ से अधिक हो

 

 

सकल आय सीमा

सीमांत राहत

से अधिक (₹)

से अधिक नहीं (₹)

 

 

50 लाख

1 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के अंतर्गत, आयकर और अधिभार (सरचार्ज) के रूप में देय राशि, ₹ 50 लाख की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो ₹ 50 लाख से अधिक है।

1 करोड़

2 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के अंतर्गत, आयकर और अधिभार (सरचार्ज) के रूप में देय राशि, ₹ 1 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो ₹ 1 करोड़ से अधिक है।

2 करोड़

5 करोड़

दोनों कर व्यवस्थाओं के अंतर्गत, आयकर और अधिभार (सरचार्ज) के रूप में देय राशि, ₹ 2 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो ₹ 2 करोड़ से अधिक है।

5 करोड़

-

पुरानी कर व्यवस्था के अंतर्गत, आयकर और अधिभार (सरचार्ज) के रूप में देय राशि, ₹ 5 करोड़ की कुल आय पर देय आयकर की कुल राशि से, उस आय की राशि से अधिक नहीं होगी जो ₹ 5 करोड़ से अधिक है।

 

 

निवेश / भुगतान / आय, जिनसे मुझे कर लाभ प्राप्त हो सकता है

 

A. धारा 115BAC (1A) के अंतर्गत नई कर व्यवस्था का चयन करने वाले करदाता के लिए निम्नलिखित कटौतियाँ उपलब्ध होंगी:

1. धारा 24(b) – गृह ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर गृह संपत्ति से आय से कटौती:

संपत्ति का प्रकार

ऋण का उद्देश्य

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आई.टी.आर. में भरने हेतु आवश्यक विवरण

किराए पर दी गई

गृह संपत्ति का निर्माण या खरीद

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य (लेकिन अगर 'आवासीय संपत्ति से आय' के अंतर्गत कोई हानि है तो उसे योजना CYLA के किसी अन्य शीर्षक के खिलाफ सेट ऑफ़ नहीं किया जा सकता और इसे अगले वर्षों में अग्रेषित नहीं किया जा सकता)

• बैंक / बैंक के अलावा से लिया गया ऋण • बैंक का नाम / संस्था / व्यक्ति का नाम, जिससे ऋण लिया गया है • ऋण खाता संख्या • ऋण स्वीकृति की तिथि • कुल ऋण राशि • वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि तक बकाया ऋण • उधार ली गई पूंजी पर ब्याज धारा 24(b) के तहत

 

 

2. आयकर अधिनियम, 1961 के अध्याय VI ए (Chapter VIA) के अंतर्गत विनिर्दिष्ट कर कटौतियाँ

 

 

धारा 80CCD(2)

केंद्र सरकार की पेंशन योजना में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की कटौती

नियोक्ताओं की सभी श्रेणियों के लिए

वेतन के 14% की कटौती सीमा

 

B. पुरानी कर व्यवस्था का चयन करने वाले करदाता के लिए निम्नलिखित कटौतियाँ उपलब्ध होंगी:

 

  1. **धारा 24(b) – गृह ऋण एवं गृह सुधार ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज पर गृह संपत्ति से आय से कटौती। स्व-अधिकृत संपत्ति के मामले में, गृह ऋण पर भुगतान किए गए ब्याज की कटौती की ऊपरी सीमा ₹ 2 लाख है। धारा 24(b) के अंतर्गत स्वीकार्य ऋण पर ब्याज नीचे सारणीबद्ध किया गया है:

संपत्ति का प्रकार

ऋण कब लिया गया था

ऋण लेने का प्रयोजन

स्वीकार्य (अधिकतम सीमा)

आवश्यक विवरण

स्व-अध्यासित

1/04/1999 को या उसके बाद

गृह संपत्ति का निर्माण या खरीद

₹ 2,00,000

• बैंक / बैंक के अलावा अन्य से लिया गया ऋण
• ऋण लिए जाने वाले बैंक / संस्थान / व्यक्ति का नाम
• ऋण खाता संख्या
• ऋण स्वीकृति की तिथि
• ऋण की कुल राशि
• वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण
• धारा 24(b) के अंतर्गत उधार ली गई पूँजी पर ब्याज

1/04/1999 को या उसके बाद

गृह संपत्ति की मरम्मत के लिए

₹ 30,000

1/04/1999 से पहले

गृह संपत्ति का निर्माण या खरीद

₹ 30,000

1/04/1999 से पहले

गृह संपत्ति की मरम्मत के लिए

₹ 30,000

किराए पर दी गई

किसी भी समय

गृह संपत्ति का निर्माण या खरीद

बिना किसी सीमा के वास्तविक मूल्य कर निर्धारण वर्ष (AY) के दौरान समायोजित किए जाने की अनुमति वाली अधिकतम हानि आय के अन्य शीर्षकों के विरुद्ध ₹ 2,00,000 है तथा शेष राशि को आगामी वर्षों में अधिकतम 8 कर निर्धारण वर्षों तक आगे बढ़ाया जा सकता है।

 

 

2.आयकर अधिनियम के अध्याय VI ए के अंतर्गत विनिर्दिष्ट कर कटौतियाँ

 

धारा 80C, 80CCC, 80CCD (1)

किए गए भुगतान के लिए कटौती

80C

  • जीवन बीमा प्रीमियम
  • भविष्य निधि
  • कुछ इक्विटी शेयरों के लिए अभिदान
  • ट्यूशन फीस
  • राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र
  • आवास ऋण मूल
  • अन्य विभिन्न मद

 

₹ 1,50,000 की संयुक्त कटौती सीमा

प्रत्येक पात्र भुगतान के लिए आई.टी.आर. में भरे जाने वाले विवरण

  • पॉलिसी संख्या या दस्तावेज़ पहचान संख्या
  • धारा 80C के अंतर्गत कटौती के लिए पात्र राशि

80CCC

पेंशन योजना के लिए एल.आई.सी. या अन्य बीमाकर्ता की वार्षिकी योजना

80CCD(1)

केंद्र सरकार की पेंशन योजना

 

 

 

 

 

धारा 80CCD(1B)

केंद्र सरकार की पेंशन योजना में किए गए भुगतान के लिए कटौती, धारा 80CCD (1) के तहत दावा की गई कटौती के अलावा

कटौती सीमा ₹ 50,000
 

 


नोट: धारा 80CCD(1) एवं 80CCD(1B) के अंतर्गत कटौती का दावा करने वाले करदाताओं को नीचे दिए अनुसार विवरण प्रदान करना आवश्यक है
•    योगदान की राशि
•    करदाता का पीआरएएन (PRAN)

 

धारा 80CCD(2)

केंद्रीय सरकार की पेंशन योजना में नियोक्ता द्वारा किए गए योगदान की कटौती

यदि नियोक्ता एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या अन्य है

वेतन के 10% की कटौती सीमा

यदि नियोक्ता केंद्र या राज्य सरकार है

वेतन के 14% की कटौती सीमा

 

धारा 80D

स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम एवं निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए किए गए भुगतानों की ओर कटौती

स्वयं / जीवन साथी या आश्रित बच्चों के लिए

 

₹ 25,000 (यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो 50,000 रुपए)

निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ₹ 5,000, जो उपरोक्त सीमा में शामिल है

माता-पिता के लिए

 ​

₹ 25,000 (यदि कोई व्यक्ति वरिष्ठ नागरिक है तो 50,000 रुपए)

निवारक स्वास्थ्य जांच के लिए ₹ 5,000, जो उपरोक्त सीमा में शामिल है

 

वरिष्ठ नागरिक पर उपगत चिकित्सा सम्बन्धी व्यय के लिए कटौती, यदि स्वास्थ्य बीमा कवरेज पर किसी प्रीमियम का भुगतान नहीं किया गया है

 

स्वयं / पति या पत्नी या आश्रित बच्चों के लिए

 ​

कटौती सीमा ₹ 50,000

माता-पिता के लिए

 ​

कटौती सीमा ₹ 50,000

कृपया ध्यान दें:

यदि आप धारा 80D के अंतर्गत कटौती का दावा करना चाहते हैं, तो आपको नीचे दिए गए विवरण दर्ज करने होंगे:
•    बीमाकर्ता (बीमा कंपनी) का नाम 
•    पॉलिसी संख्या 
•    स्वास्थ्य बीमा राशि

धारा 80DD

आश्रित विकलांग के रखरखाव या चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतान या संबंधित अनुमोदित योजना के तहत किए गए किसी भी राशि के भुगतान/डिपॉज़िट में कटौती

दिव्यांग व्यक्ति के लिए ₹ 75,000 की सपाट कटौती (फ्लैट डिडक्शन) उपलब्ध है, चाहे खर्च किया या नहीं

अगर व्यक्ति को गंभीर दिव्यांगता है ( 80 % या उससे अधिक )तो कटौती ₹ 1,25,000 है.

 
 

ध्यान दें:

धारा 80DD के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे


•    दिव्यांगता की प्रकृति
•    दिव्यांगता का प्रकार
•    कटौती की राशि
•    आश्रित का प्रकार
•    आश्रित का पैन (PAN) 
•    आश्रित का आधार (Aadhaar) 
•    ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, या एकाधिक दिव्यांगताओं के मामले में दाखिल फॉर्म 10 IA की स्वीकृति संख्या (Acknowledgement number)
•    यूडीआईडी (UDID) संख्या (यदि उपलब्ध हो)

 

धारा 80DDB

निर्दिष्ट बीमारियों के लिए स्वयं या आश्रित के चिकित्सा उपचार के लिए किए गए भुगतान हेतु कटौती

₹ 40,000 की कटौती सीमा

( ₹ 1,00,000 यदि वरिष्ठ नागरिक है )

 

धारा 80E

स्वयं या रिश्तेदार की उच्च शिक्षा के लिए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के लिए कटौती

लिए गए ऋण पर ब्याज के लिए भुगतान की गई कुल राशि

 

ध्यान दें:

धारा 80E के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए, आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे :
•    बैंक / संस्थान से लिया गया ऋण 
•    जिस संस्थान / बैंक से ऋण लिया गया है, उसका नाम
•   बैंक / संस्थान का ऋण खाता संख्या
•    ऋण स्वीकृति की तिथि 
•    ऋण की कुल राशि
•    वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण 
•    धारा 80E के अंतर्गत ब्याज

 

धारा 80EE

आवासीय गृह सम्पत्ति के अर्जन के लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के लिए कटौती जहां ऋण 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच स्वीकृत किया गया है

लिए गए ऋण पर भुगतान किए गए वाले ब्याज पर ₹ 50,000 कटौती सीमा

 

ध्यान दें:

धारा 80EE के अंतर्गत दावा करने के लिए, आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:
•    जिस बैंक / संस्थान से ऋण लिया गया है, उसका नाम
•    बैंक / संस्थान का ऋण खाता संख्या
•    ऋण स्वीकृति की तिथि 
•    ऋण की कुल राशि
•    वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण 
•    धारा 80EE के अंतर्गत ब्याज

 

धारा 80EEA

आवासीय गृह संपत्ति के प्रथम बारबैंक / संस्थान से लिया गया ऋण  अधिग्रहण के लिए लिए गए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतानों के संबंध में कटौती केवल व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है, जहाँ ऋण 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2022 के बीच स्वीकृत किया गया हो तथा धारा 80EE के अंतर्गत कटौती का दावा नहीं किया गया हो।

₹ 1,50,000 की कटौती सीमा
लिए गए ऋण पर ब्याज के लिए भुगतान की गई कुल राशि

 

ध्यान दें:

धारा 80EEA के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए, आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे: 
•    आवासीय गृह संपत्ति का स्टांप मूल्य (Stamp value) 
•    बैंक / संस्थान से लिया गया ऋण 
•   जिस बैंक / संस्थान से ऋण लिया गया है, उसका नाम
•    बैंक / संस्थान का ऋण खाता संख्या
•    ऋण स्वीकृति की तिथि
•   ऋण की कुल राशि
•    वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण
•    धारा 80EEA के अंतर्गत ब्याज

कृपया ध्यान दें कि धारा 80EEA के अंतर्गत कटौती का दावा केवल तभी किया जा सकता है, जब धारा 24(b) की सीमा समाप्त हो चुकी हो। साथ ही, करदाता द्वारा ऋण स्वीकृति तिथि एवं अन्य पात्र शर्तों के आधार पर या तो धारा 80EE या धारा 80EEA का दावा किया जा सकता है।

 

 

धारा 80EEB

जहां 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2023 के बीच ऋण स्वीकृत किया गया है, वहां इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद के लिए ऋण पर किए गए ब्याज भुगतान के लिए कटौती

लिए गए ऋण पर भुगतान किए जाने वाले ब्याज पर ₹ 1,50,000 कटौती सीमा

ध्यान दें:

धारा 80EEA के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए, आई.टी.आर. में नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे:


•    बैंक / संस्थान से लिया गया ऋण
•   जिस बैंक / संस्थान से ऋण लिया गया है, उसका नाम
•    बैंक / संस्थान का ऋण खाता संख्या
•    ऋण की कुल राशि
•    वित्तीय वर्ष की अंतिम तिथि पर बकाया ऋण
•    धारा 80EEB के अंतर्गत ब्याज  राशि
•    वाहन पंजीकरण संख्या

धारा 80G

निर्धारित निधियों, धर्मार्थ संस्थानों आदि को किए गए दान हेतु कटौती

दान नीचे दी गई श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के पात्र है

बिना किसी सीमा के

 ​

100% कटौती

50% कटौती

योग्यता सीमा के अधीन रहते हुए

 ​

100% कटौती

50% कटौती

नोट: इस धारा के अंतर्गत ₹ 2000/- से अधिक के नकद दान के संबंध में कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

धारा 80GG

मकान के लिए भुगतान किए गए किराए हेतु कटौती तथा यह केवल उन व्यक्तियों पर लागू होती है जो स्व-नियोजित हैं या जिनके लिए एचआरए (HRA) वेतन का भाग नहीं है

निम्नलिखित में से सबसे कम को कटौती के रूप में अनुमति

इस कटौती से पहले कुल आय का 10% घटाने के बाद भुगतान किया गया किराया

₹ 5,000 प्रति माह

कुल आय का 25% (धारा 111A के तहत दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, अल्पकालिक पूंजीगत लाभ या धारा 115A या 115D के तहत आय को छोड़कर)

नोट: धारा 80GG के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए, फॉर्म 10 BA दाखिल करना अनिवार्य है तथा आय विवरणी दाखिल करते समय अनुसूची 80 GG में फॉर्म 10 BA की (पावती संख्या) दर्ज करना आवश्यक है।

 

धारा 80GGA

वैज्ञानिक अनुसंधान या ग्रामीण विकास के लिए किए गए दान के लिए कटौती

दान निम्न श्रेणियों के अंतर्गत कटौती के लिए पात्र हैं:

अनुसंधान संघ या विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या अन्य संस्था के लिए

  • वैज्ञानिक अनुसंधान
  • सामाजिक विज्ञान या सांख्यिकीय अनुसंधान

संघ या संस्था के लिए

  • ग्रामीण विकास
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण या वनीकरण के लिए

किसी पात्र परियोजना को कार्यान्वित करने के लिए राष्ट्रीय समिति द्वारा अनुमोदित पी.एस.यू. या स्थानीय प्राधिकरण या संस्था को भुगतान की जाने वाली राशि

केंद्रीय सरकार द्वारा अधिसूचित निधि

  • वनीकरण
  • ग्रामीण विकास

केंद्रीय सरकार द्वारा स्थापित और अधिसूचित की गई राष्ट्रीय शहरी गरीबी उन्मूलन निधि

 

 

ध्यान दें: इस धारा के अंतर्गत ₹ 2000/- से अधिक के नकद दान के संबंध में या यदि सकल कुल आय में व्यवसाय / पेशे से लाभ / अभिलाभ की आय शामिल है, तो कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।

धारा 80GGC

राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को किए गए दान के लिए कटौती

राजनीतिक दल या चुनावी ट्रस्ट को किए गए दान के लिए कटौती

यदि कोई योगदान नकद में किया जाता है, तो कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

धारा 80TTB

निवासी वरिष्ठ नागरिकों द्वारा किए गए डिपॉज़िट पर प्राप्त ब्याज पर कटौती

कटौती सीमा ₹ 50,000

 

धारा 80U

 

दिव्यांगता वाले निवासी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए कटौतियाँ

एक दिव्यांग व्यक्ति के लिए, किए गए खर्च की परवाह किए बिना, ₹ 75,000 की सपाट कटौती (फ्लैट डिडक्शन)

गंभीर दिव्यांगता (सेवियर डिसेबिलिटी) (80% या अधिक) वाले व्यक्ति के लिए, किए गए खर्च की परवाह किए बिना, ₹ 1,25,000 की सपाट कटौती (फ्लैट डिडक्शन)

 


 

 

कृपया ध्यान दें

धारा 80U के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए, नीचे दिए गए विवरण प्रदान करने होंगे। 
•  दिव्यांगता की प्रकृति
•  दिव्यांगता का प्रकार
•  कटौती की राशि
•  ऑटिज़्म, सेरेब्रल पाल्सी, या एकाधिक दिव्यांगताओं के मामले में दाखिल फॉर्म 10 IA की पावती संख्या
•  यूडीआईडी (UDID) संख्या (यदि उपलब्ध हो)

 

करदाता की आयु की परवाह किए बिना लागू कर लाभों के साथ साथ, वरिष्ठ/अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए कुछ अन्‍य बढ़े हुए / अतिरिक्त लाभ हैं।

 

आयकर विवरणी का कागजी दाखिला

अति वरिष्ठ नागरिकों (80 वर्ष या उससे अधिक आयु) के पास फॉर्म 1 या 4 का उपयोग करके ऑफ़लाइन / पेपर ढंग में अपना आई.टी.आर. जमा करने का विकल्प है। ई-फाइलिंग विकल्प भी उनके लिए उपलब्ध रहता है।

 

अग्रिम कर भुगतान से राहत

धारा 208, आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार, हर व्यक्ति जिसका वार्षिक अनुमानित कर देयता ₹ 10,000 या उससे अधिक है, उसे अग्रिम कर के रूप में अपना कर अग्रिम रूप से जमा करना होगा। लेकिन, धारा 207, आयकर अधिनियम, 1961 निवासी वरिष्ठ नागरिक को अग्रिम कर भुगतान से राहत देती है। इस प्रकार, कोई ऐसा निवासी वरिष्ठ नागरिक जिसकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं है, उसे अग्रिम कर का भुगतान करने की जिम्मेदारी नहीं है। इसलिए, 234B और 234C वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए, जो ITR 1 और ITR 2 दाखिल कर रहे हैं, लागू नहीं होते।

 

बैंक जमा के ब्याज पर आयकर कटौती

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80TTB बैंकों, डाकघरों या सहकारी बैंकों में जमा पर अर्जित ब्याज पर कर लाभ की अनुमति देती है। यह कटौती वरिष्ठ नागरिक द्वारा अर्जित अधिकतम ₹ 50,000 तक के ब्याज आय के लिए अनुमति है। बचत जमा और निश्चित जमा पर अर्जित दोनों प्रकार के ब्याज इस प्रावधान के तहत कटौती के लिए पात्र हैं।

इसके अलावा, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194A के अंतर्गत, बैंक, डाक घर या सहकारी बैंक द्वारा किसी वरिष्ठ नागरिक को ₹ 50,000 तक के ब्याज भुगतान पर स्रोत पर कर (TDS) नहीं कटता है। यह सीमा प्रत्येक बैंक के लिए अलग-अलग गणना की जानी चाहिए।

 

चिकित्सा सम्बन्धी बीमा और व्यय के संबंध में कर लाभ

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80D के अनुसार, वरिष्ठ नागरिक मेडिकल इंश्योरेंस पॉलिसी के प्रीमियम के भुगतान के लिए ₹50,000 तक की उच्च छूट का लाभ उठा सकते हैं। गैर-वरिष्ठ नागरिकों के मामले में यह सीमा ₹25,000 है।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80DDB के अंतर्गत किसी व्यक्ति द्वारा अपने ऊपर या किसी आश्रित पर विशेष रोगों के उपचार के लिए किए गए खर्चों पर कर छूट की अनुमति देता है जैसा कि अधिनियम में उल्लेख किया गया है। वरिष्ठ नागरिक के मामले में अधिकतम कटौती राशि ₹ 1 लाख है (गैर-वरिष्ठ नागरिक करदाताओं के लिए ₹ 40,000)।

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