फॉर्म187 उपयोगकर्ता पुस्तिका
1. अवलोकन
फ़ॉर्म 187 का उपयोग बोर्ड (सी.बी.डी.टी.) के समक्ष अपील दायर करने के लिए किया जाता है, जब कोई नियोक्ता अपनी निधि से संबंधित आदेश से व्यथित हो। विशेष रूप से, इस फ़ॉर्म का उपयोग निम्न परिस्थितियों में किया जा सकता है:
भविष्य निधि की मान्यता अस्वीकृत या वापस ले ली गई हो
अधिवार्षिकी निधि की स्वीकृति अस्वीकृत या वापस ले ली गई हो
उपदान निधि की स्वीकृति अस्वीकृत या वापस ले ली गई हो
ऐसी अपील आदेश की तिथि से 60 दिनों के भीतर दायर की जानी चाहिए।
2. इस सेवा का लाभ उठाने के लिए आवश्यक शर्तें
• आप ई-फ़ाईलिंग पोर्टल पर पंजीकृत उपयोगकर्ता होने चाहिए।
• करदाता के पैन की स्थिति "सक्रिय" होनी चाहिए।
• फ़ॉर्म को डी.एस.सी. मोड के माध्यम से सत्यापित करने हेतु आपके पास वैध डी.एस.सी. होना चाहिए, जो ई-फ़ाईलिंग पोर्टल पर पंजीकृत हो तथा जिसकी वैधता समाप्त न हुई हो।
3. फॉर्म के बारे में
3.1. उद्देश्य
फ़ॉर्म 187 का उद्देश्य नियम 300, 315 एवं 329 के अंतर्गत नियोक्ता की भविष्य निधि, अधिवार्षिकी निधि अथवा उपदान निधि की मान्यता या स्वीकृति को अस्वीकार करने अथवा वापस लेने संबंधी आदेश को औपचारिक रूप से चुनौती देना तथा उसके निरस्तीकरण का अनुरोध करना है।
3.2. इसका उपयोग कौन कर सकता है?
कोई नियोक्ता भविष्य निधि, अधिवार्षिकी निधि अथवा उपदान निधि की मान्यता या स्वीकृति को अस्वीकार करने अथवा वापस लेने संबंधी आदेश के विरुद्ध बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है।
3.3. अपील दायर करने की समय-सीमा
भविष्य निधि को मान्यता प्रदान न किए जाने अथवा उसकी मान्यता वापस लिए जाने, या अधिवर्षिता निधि अथवा उपदान निधि को स्वीकृति प्रदान न किए जाने अथवा उसकी स्वीकृति वापस लिए जाने संबंधी अनुमोदन प्राधिकारी के आदेश से असंतुष्ट नियोक्ता, ऐसे आदेश की तिथि से साठ दिनों के भीतर बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है।
3.4. अपील हेतु शुल्क
आयकर नियमों के नियम 300, 315 एवं 329 के अनुसार अपील के साथ ₹1000 का शुल्क संलग्न किया जाना आवश्यक है।
3.5. अपील शुल्क का भुगतान कैसे करें
चरण 1: ई-फ़ाइलिंग पोर्टल www.incometax.gov.in पर लॉगिन करने के पश्चात, डैशबोर्ड पर ई-फ़ाइल मेन्यू में उपलब्ध ई-पे कर पर क्लिक करें।
चरण 2: ई-पे टैक्स स्क्रीन पर "आयकर अधिनियम, 2025" पर क्लिक करें तथा आगे बढ़ने के लिए जारी रखें पर क्लिक करें।
चरण 3: ई-पे टैक्स स्क्रीन पर “+नया भुगतान” पर क्लिक करें।
चरण 4: “निगम कर” टाइल पर जाएँ और “आगे बढ़ें” पर क्लिक करें।
चरण 5: संबंधित कर वर्ष का चयन करें, भुगतान के प्रकार (लघु शीर्ष) में “अन्य प्राप्तियाँ (500)” चुनें तथा भुगतान के उप-प्रकार में “अपील शुल्क” का चयन करें।
चरण 6: “अन्य”फ़ील्ड में अपील शुल्क की राशि दर्ज करें।
चरण 6: भुगतान का माध्यम चुनें तथा भुगतान करें। भुगतान की प्रक्रिया जानने के लिए ई-पे टैक्स पर उपलब्ध उपयोगकर्ता पुस्तिका देखें।
3.6. फ़ॉर्म एक नज़र में
प्रपत्र 187 में चार पैनल होते हैं:
1. भाग A
2. भाग B
3. चालान विवरण
4. घोषणा एवं सत्यापन
4. चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
चरण 1: अपनी उपयोगकर्ता आई.डी. तथा पासवर्ड का उपयोग करके ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करें।
चरण 2: उपयोगकर्ता आई.डी. (PAN) और पासवर्ड दर्ज करें।
चरण 3 : ई-फ़ाइल > आयकर फ़ॉर्म > आयकर फ़ॉर्म दाखिल करें
चरण 4: “आयकर अधिनियम 2025” टैब के अनुसार फॉर्म का चयन करें,फ़ॉर्म 187 चुनें तथा “अभी फ़ाइल करें” बटन पर क्लिक करें।
चरण 5: “जारी रखें" बटन पर क्लिक करें।
चरण 6:“आइए प्रारम्भ करें” पर क्लिक करें।
चरण 7: “आइए प्रारम्भ करें” स्क्रीन पर क्लिक करने के पश्चात, उपयोगकर्ता को पैनल स्क्रीन पर भेज दिया जाएगा। वहाँ प्रथम पैनल “भाग A” का चयन करें।
चरण 8: कृपया विवरण भरें तथा उनका सत्यापन करें और "सहेजें" पर क्लिक करें।
नोट: कृपया सुनिश्चित करें कि “मेरी प्रोफाइल” अनुभाग के अंतर्गत पता सहित सभी अनिवार्य विवरण पूर्ण रूप से भरे गए हों।
आप "मेरी प्रोफाइल” हाइपरलिंक पर क्लिक करके अपने संपर्क एवं पते संबंधी विवरण अपडेट कर सकते हैं।
“विवरण जोड़ें” पर क्लिक करके तथा उपलब्ध सूची में से विकल्प का चयन करके व्यवसाय/पेशा संबंधी विवरण जोड़े जा सकते हैं।
चरण 9: प्रथम पैनल को सहेजनें के पश्चात, द्वितीय पैनल – भाग B का चयन करें।
चरण 10: संबंधित विवरण भरें और “सहेजें” पर क्लिक करें।
नोट: क्रम संख्या 2, 3 (i) एवं 3 (ii) के अंतर्गत दिए गए फ़ील्ड ड्रॉपडाउन मेन्यूज़ हैं, उपयोगकर्ता उपलब्ध सूची में से उपयुक्त विकल्प का चयन कर सकते हैं।

चरण 11: द्वितीय पैनल को सहेजने के पश्चात, तृतीय पैनल: चालान विवरण का चयन करें।
चरण 12: चालान का विवरण दर्ज करें और ‘सहेजें’ पर क्लिक करें। ‘राशि’ फ़ील्ड पहले से भरी हुई होगी और उसे संपादित नहीं किया जा सकेगा।
चरण 13: तृतीय पैनल को सहेजने के पश्चात, चतुर्थ पैनल: घोषणा एवं सत्यापन का चयन करें।
चरण 14: अंडरटेकिंग की पुष्टि करें और “सहेजें” पर क्लिक करें।
चरण 15: चतुर्थ पैनल को सहेजने के पश्चात, “पूर्वावलोकन” पर क्लिक करें।
चरण 16:पूर्वावलोकन पृष्ठ पर विवरणों का सत्यापन करें और “ई-सत्यापन के लिए आगे बढ़ें” पर क्लिक करें।

चरण 17: “ई-सत्यापन के लिए आगे बढ़ें” बटन पर क्लिक करने के पश्चात एक पॉप-अप पुष्टि संदेश प्रदर्शित होगा, जिसमें पूछा जाएगा कि क्या आप ई-सत्यापन की प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहते हैं। “हाँ” पर क्लिक करें।
चरण 18: “हाँ” पर क्लिक करने के पश्चात आपको ई-सत्यापन पृष्ठ पर पुनर्निर्देशित किया जाएगा, जहाँ आप डी.एस.सी.(यदि लागू हो) के माध्यम से प्रपत्र 187 का सत्यापन कर सकते हैं। नोट: अधिक जानकारी के लिए "ई-सत्यापन कैसे करें” उपयोगकर्ता पुस्तिका देखें।
चरण 19: सफल ई-सत्यापन (ई-वेरिफिकेशन) के पश्चात एक सफलता संदेश प्रदर्शित होगा, जिसमें लेन देन आई.डी. तथा पावती रसीद संख्या शामिल होगी। कृपया भविष्य के संदर्भ हेतु ट्रांजैक्शन आई.डी. तथा पावती रसीद संख्या को सुरक्षित रखें। आपको ई-फ़ाईलिंग पोर्टल पर पंजीकृत ईमेल आई.डी.(यों) तथा मोबाइल नंबर(औं) पर भी पुष्टि संदेश प्राप्त होगा।
“डाउनलोड” बटन पर क्लिक करके पावती रसीद डाउनलोड करें।
फ़ॉर्म 187 के सफलतापूर्वक जमा होने के पश्चात उपयोगकर्ता भरे हुए फ़ॉर्म को निम्न मार्ग के अंतर्गत देख सकता है— डैशबोर्ड पर जाएँ, ई-फ़ाइल > आय कर फ़ाइल करें> दाखिल किए गए फ़ॉर्म देखें > दाखिल फ़ॉर्म टैब पर क्लिक करें, जो आयकर अधिनियम 2025 के अंतर्गत उपलब्ध है।
नोट: “अधिक जानकारी के लिए ‘भरे हुए फ़ॉर्म देखें’ उपयोगकर्ता पुस्तिका का संदर्भ लें।”
5. संबंधित विषय
6. शब्दावली
| परिवर्णी शब्द/संक्षिप्त रूप | विवरण/पूर्ण रूप |
| डी.एस.सी. | डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र |
| ई.वी.सी. | इलेक्ट्रॉनिक सत्यापन प्रमाणपत्र |
| ए.आर.एन. | पावती रसीद संख्या |
| पी.वाई. | पूर्व वर्ष |
| एफ.वाई. | वित्तीय वर्ष |
| टी.वाई. | कर वर्ष |